कानपुर और इंदौर के चिड़ियाघरों में अनोखा एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम
कानपुर और इंदौर के चिड़ियाघरों के बीच एक विशेष और दिलचस्प ‘एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम’ शुरू होने जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत कानपुर चिड़ियाघर को एक नई शेरनी प्राप्त होगी, जबकि बदले में इंदौर चिड़ियाघर को कानपुर का प्रसिद्ध दरियाई घोड़ा सतीश सौंपा जाएगा। इस अद्भुत आदान-प्रदान का सबसे बड़ा आकर्षण यह है कि हिप्पो सतीश की 700 किलोमीटर लंबी यात्रा के दौरान लगभग 20 हजार लीटर पानी का उपयोग किया जाएगा।
700 किलोमीटर की यात्रा में पानी का भारी खर्च और सुरक्षा इंतजाम
आज के समय में जब पानी कीमती संसाधन है, तब जानवर की लंबी यात्रा के लिए इतनी मात्रा में पानी का इस्तेमाल चर्चा का विषय बन गया है। दरियाई घोड़े की शारीरिक बनावट ऐसी होती है कि वह अपने 80 प्रतिशत जीवन पानी के अंदर बिताता है। तेज धूप और हवा के सीधे संपर्क में आने से उसकी त्वचा फटने लगती है और वह बीमार हो सकता है। इसलिए, इस यात्रा के दौरान उसकी सुरक्षा और आराम का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
इंदौर चिड़ियाघर प्रशासन ने इस यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए एक खास योजना बनाई है। यात्रा के दौरान, पिंजरे के ऊपर 100-100 लीटर क्षमता वाले दो बड़े पानी के ड्रम लगाए जाएंगे, जिनसे लगातार सतीश के शरीर पर पानी का छिड़काव किया जाएगा। इससे उसकी त्वचा हाइड्रेट रहेगी और गर्मी से बचाव होगा।
यात्रा के दौरान विशेष रूट और पानी की व्यवस्था
यात्रा के दौरान रास्ते में विशिष्ट रूट और हाईवे ढाबों का चयन किया गया है, जहां पानी की अच्छी व्यवस्था हो। कानपुर चिड़ियाघर के निदेशक के अनुसार, गाड़ी को केवल उन्हीं हाईवे ढाबों पर रोका जाएगा जहां पानी की पर्याप्त आपूर्ति और गहरे ट्यूबवेल उपलब्ध हैं। रास्ते में जगह-जगह पाइप के जरिए सतीश को अच्छी तरह से नहलाया जाएगा। इस पूरे 10 दिनों की यात्रा में लगभग 20,000 लीटर पानी खर्च होने का अनुमान है।










