दतिया सीट पर उपचुनाव को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ा
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट के उपचुनाव के लिए बीजेपी ने आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किया है, जिससे पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के समर्थक गुस्से में आ गए हैं। इस फैसले के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने NH-44 पर लगभग 15 किलोमीटर लंबा जाम लगा दिया और शनिवार तड़के पुलिस पर पथराव कर दिया।
प्रदर्शनकारियों का गुस्सा और पुलिस के साथ संघर्ष
इस घटना के कारण हाईवे पर भीषण ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे आसपास के जिलों की यातायात व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित हो गई। पुलिस और कलेक्टर ने बार-बार प्रदर्शनकारियों से जाम खोलने की अपील की, लेकिन वे नहीं माने। तड़के करीब 4 बजे अचानक उपद्रवियों ने पुलिस टीम पर पत्थरबाजी शुरू कर दी।
मयूर खंडेलवाल ने बताया, “माहौल बिगड़ता देख पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, जिससे हिंसा और भी बढ़ गई। इस हमले में मुझे, अतिरिक्त एसपी और छह से अधिक जवानों को गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए फिर से आंसू गैस का प्रयोग किया और उपद्रवियों को खदेड़ा। कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है और बाकी को सरेंडर करने की चेतावनी दी गई है।”
बीजेपी नेताओं का पुलिस पर आरोप और समर्थकों का गुस्सा
भाजपा के जिला मंत्री भानु सिंह ने कहा, “हम शांतिपूर्ण तरीके से भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मांग कर रहे थे कि दतिया का टिकट वापस लिया जाए और नरोत्तम मिश्रा जी को ही उम्मीदवार बनाया जाए। हमने पूरी रात रामधुन गाते हुए अपनी बात रखी, लेकिन पुलिस प्रशासन और कलेक्टर की बर्बरता देखिए कि हमारे कार्यकर्ताओं को दफ्तर में बंद कर दिया। जब तक नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलेगा, तब तक हम चक्का जाम करेंगे।”
दरअसल, बीजेपी ने शुक्रवार को दतिया उपचुनाव के लिए अपने वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किया। पहले नरोत्तम मिश्रा को ही टिकट मिलने का भरोसा था, और उन्होंने नामांकन भी भर लिया था। जैसे ही आशुतोष तिवारी का नाम घोषित हुआ, समर्थक सड़कों पर उतर आए। कुछ समर्थकों ने शर्ट उतारकर सड़क पर लेट गए और नरोत्तम दादा को टिकट न मिलने पर बीजेपी छोड़ने की धमकी दी। हालांकि, आशुतोष तिवारी ने कहा कि नरोत्तम मिश्रा उनके अभिभावक हैं और वे चुनाव प्रचार में उनका समर्थन करेंगे।
दतिया उपचुनाव क्यों हो रहा है?
2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेता राजेन्द्र भारती ने तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को 7500 से अधिक वोटों से हराया था। लेकिन इस साल (2026) अप्रैल में दिल्ली की एक अदालत ने राजेंद्र भारती को धोखाधड़ी के मामले में तीन साल की सजा सुनाई। सजा के कारण उनकी विधायकी रद्द हो गई, जिससे दतिया सीट खाली हो गई और यहां उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई। मतदान 30 जुलाई को होगा और परिणाम 3 अगस्त को घोषित किए जाएंगे।











