भोपाल में महिला जनसुनवाई का आयोजन और प्रमुख मुद्दे
भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय महिला आयोग की जनसुनवाई के दौरान महिलाओं से जुड़ी कई गंभीर शिकायतें सामने आईं। इस कार्यक्रम का आयोजन महारानी लक्ष्मीबाई कॉलेज में हुआ था, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं अपनी समस्याओं के साथ पहुंचीं। इस दौरान कलेक्टर और पुलिस कमिश्नर भी मौजूद रहे।
आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने बताया कि इस दिन करीब 50 मामलों की सुनवाई की गई। उन्होंने कहा कि अधिकांश शिकायतें घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न और साइबर क्राइम से संबंधित हैं। महिलाओं को न्याय दिलाने के उद्देश्य से यह जनसुनवाई आयोजित की गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि यह पहली बार है जब वह भोपाल में ही महिला जनसुनवाई कर रही हैं और अब फिर से अपनी बहनों के बीच पहुंची हैं।
महिला की शिकायत और पुलिस कार्रवाई का निर्देश
एक महिला ने अपनी शिकायत में अपने पति पर गंभीर आरोप लगाए। उसने बताया कि उसका पति उसकी मौजूदगी में ही अपनी सगी बहन के साथ संबंध बनाता है। महिला ने कई बार इसका विरोध किया, लेकिन पति ने उसकी बात नहीं मानी। उसने यह भी कहा कि उसने अपने सास-ससुर को भी इस बारे में जानकारी दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। महिला ने यह भी बताया कि वह कई बार पुलिस के पास गई, लेकिन उसकी शिकायत नहीं सुनी गई और थाने से भी लौटा दिया गया।
महिला की यह शिकायत सुनने के बाद आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने तुरंत पुलिस को मामले की जांच करने और आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
पति-पत्नी के विवाद का समाधान और अन्य मुद्दे
जनसुनवाई में एक अन्य मामला भी सामने आया, जिसमें पति-पत्नी के बीच विवाद था। जानकारी के अनुसार, दोनों के बीच करीब दो महीने पहले बच्चों को लेकर झगड़ा हुआ था। इसके बाद दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई और अलग रहने का फैसला किया।
आयोग की टीम ने दोनों को समझाया और बातचीत के बाद उन्होंने आपसी सहमति से समझौता कर लिया। मंच पर ही राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ने दोनों को पौधा भेंट किया और उन्हें खुशी-खुशी विदा किया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया।
इसके अलावा, एक महिला ने भोपाल की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। उसने बताया कि पिछले एक साल से शाहपुरा थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति उसका पीछा कर रहा है। कई बार पुलिस को शिकायत करने के बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। महिला ने कहा कि उसे घर से बाहर निकलने में भी डर लगता है।
महिला की शिकायत सुनने के बाद विजया रहाटकर ने तुरंत पुलिस कमिश्नर से इस मामले में कार्रवाई करने को कहा। साथ ही, यह भी बताया गया कि मध्य प्रदेश में राज्य महिला आयोग के पद खाली होने के कारण 30 हजार से अधिक मामले लंबित पड़े हैं। इस पर अध्यक्ष ने कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी और जल्द ही समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने जोर दिया कि महिलाओं को न्याय दिलाना आयोग की प्राथमिकता है।











