भोपाल में जालसाजी का बड़ा मामला सामने आया
राजधानी भोपाल में एक गंभीर धोखाधड़ी का मामला प्रकाश में आया है, जिसमें एक व्यक्ति खुद को सरकारी अधिकारी और मंत्री का रिश्तेदार बताकर लोगों को झांसे में लेकर ठगी कर रहा था। इस जालसाज ने खुद को ‘कलेक्टर का देवर’ और मंत्रालय का कर्मचारी कहकर लोगों को फर्जी नौकरी का लालच दिया। क्राइम ब्रांच पुलिस ने इस मामले में आरोपी विजय शंकर मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने मुरैना के अंबाह निवासी एक किसान से लगभग बीस लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी।
आरोपी की धोखाधड़ी की रणनीति और गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, विजय शंकर मिश्रा खुद को मध्यप्रदेश जीडी ऑफिस में पदस्थ एक मंत्रालय कर्मचारी बताता था। वह अपने रुतबे का प्रदर्शन करने के लिए एक महिला IAS अधिकारी को अपनी सगी भाभी और देवर का रिश्ता बताकर लोगों को प्रभावित करता था। आरोपी ने मंत्रालय के बाहर ही मुलाकात कर फर्जी डील को अंतिम रूप दिया। 6 फरवरी 2024 को उसने मुरैना के अंबाह निवासी किसान राजकुमार सिंह से मुलाकात की और उनके परिवार के सात सदस्यों को चुनाव आयोग और महिला बाल विकास विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। पीड़ित ने इस धोखाधड़ी में कुल बीस लाख रुपये दिए।
फर्जी जॉइनिंग लेटर और पुलिस की कार्रवाई
जब राजकुमार सिंह ने नौकरी दिलाने के लिए दबाव बनाया, तो आरोपी विजय शंकर मिश्रा ने आनाकानी की। बाद में उसने फर्जी जॉइनिंग लेटर भी थमाए। शिकायत मिलने के बाद डीजीपी कार्यालय में मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद भोपाल क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू की। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में लगी है कि विजय शंकर मिश्रा ने कितने और लोगों को इसी तरह से ठगा है। इस मामले में आगे की जांच जारी है।









