मध्य प्रदेश में मूंग समर्थन मूल्य पर किसानों का आंदोलन तेज
मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य (MSP) पर मूंग की 100% खरीद की मांग को लेकर किसानों का गुस्सा चरम पर पहुंच गया है। नर्मदापुरम, हरदा, सीहोर, रायसेन और विदिशा जैसे जिलों से हजारों किसान पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ते हुए भोपाल के वीर सावरकर सेतु को पार कर चुके हैं। उनका उद्देश्य मुख्यमंत्री आवास तक पहुंचना है। इस बीच, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शाम छह बजे के बाद किसानों से मुलाकात करने का आश्वासन दिया है।
भोपाल में किसानों का प्रदर्शन और पुलिस का रवैया
प्रदर्शनकारी किसान बसों पर चढ़कर नारेबाजी कर रहे हैं, जबकि मौके पर तैनात पुलिस बल असहाय और बेबस नजर आ रहा है। राजधानी में तनावपूर्ण स्थिति और ट्रैफिक जाम के बीच मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि सरकार किसानों के साथ खड़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि समस्या का समाधान संवाद के माध्यम से ही निकलेगा और जनता को किसी भी तरह का कष्ट न हो, इसकी जिम्मेदारी दोनों पक्षों की है। सरकार ने एक विशेष कमेटी का गठन किया है, जो किसानों के साथ सतत संवाद कर रही है।
किसानों की मुख्य मांग और सरकार की प्रतिक्रिया
किसानों का मुख्य विरोध सरकार द्वारा तय की गई मूंग की खरीद सीमा को लेकर है। सामान्यतः एक एकड़ खेत में चार से पांच क्विंटल मूंग की फसल होती है, लेकिन सरकार समर्थन मूल्य पर केवल 1.20 क्विंटल ही खरीद रही है। शेष मूंग को किसान मंडी में बहुत कम दामों पर बेचने को मजबूर हैं। इस घाटे की भरपाई और पूरी तरह से मूंग की खरीद की मांग को लेकर नर्मदापुरम से शुरू हुआ यह ‘किसान मार्च’ अब राजधानी के मुख्य प्रशासनिक इलाकों तक पहुंच चुका है।
कृषि मंत्री ने देर रात अपने कार्यालय में प्रदर्शन कर रहे किसानों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने कहा कि किसानों की मुख्य मांगों पर सकारात्मक बातचीत हुई है और सरकार उनके हितों का पूरा ध्यान रखेगी। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे मूंग खरीद और अन्य मुद्दों पर आवश्यक कदम उठाएं। साथ ही, किसानों से शांति बनाए रखने और बातचीत के माध्यम से समाधान खोजने की अपील की।
कृषि मंत्री ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर मूंग खरीद का टारगेट बढ़ाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि किसानों को बेहतर दाम मिलें और भविष्य में दालों के उत्पादन में उनकी रुचि बनी रहे, इसके लिए MSP का अधिकतम लाभ देना जरूरी है। इस बीच, पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है और ट्रैफिक व्यवस्था के लिए बैरिकेड्स लगाए गए हैं। उच्च स्तरीय बातचीत जारी है और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।











