भोपाल में फर्जी IAS तृप्ति सिंह का मामला विवादों में
भोपाल में फर्जी IAS तृप्ति सिंह से जुड़ी कहानी अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है, जिसने पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला उस महिला से शुरू हुआ, जो खुद को IAS अधिकारी बताकर लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर धोखाधड़ी कर रही थी। पुलिस ने इस मामले में तीन एफआईआर दर्ज करने का दावा किया है। कई शिकायतें मिलने के बाद जांच शुरू हुई, लेकिन इसी दौरान एक ऐसी शिकायत सामने आई, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी संदेह पैदा कर दिया है।
पुलिसकर्मियों पर लगे आरोप और जांच का नया आयाम
शिकायत में आरोप लगाया गया कि जिन पुलिसकर्मियों से पीड़ित लोग न्याय की उम्मीद लेकर थाने पहुंचे थे, उन्हीं में से कुछ ने उनसे पैसे की मांग की। इस मामले में बागसेवनिया थाने में तैनात ASI मनोज शर्मा और हवलदार सुनील राठौर को लाइन अटैच कर दिया गया है। खास बात यह है कि ख्याति नाम की युवती, जो बैतूल की रहने वाली है, ने फर्जी IAS तृप्ति सिंह के खिलाफ नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। जांच के दौरान ख्याति का आरोप है कि ASI मनोज शर्मा ने उससे पैसे मांगे, और जब उसने इनकार किया, तो उसे धमकी दी गई।
शिकायतों का जटिल जाल और जांच का वर्तमान स्वरूप
यह कहानी और भी पेचीदा हो जाती है जब पता चलता है कि ख्याति के मुताबिक, जब उसने पैसे देने से इनकार किया, तो उसे ही आरोपी बनाने की धमकी दी गई। जांच में यह भी सामने आया कि तृप्ति सिंह के बैंक खाते से ख्याति के खाते में कुछ रकम ट्रांसफर हुई थी, जिसे आधार बनाकर उस पर दबाव बनाया गया। अभी तक इन रिश्वत मांगने के आरोपों की जांच जारी है, और पुलिसकर्मियों का पक्ष भी सामने नहीं आया है। मामला सामने आने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों तक शिकायत पहुंची, जिन्होंने दोनों पुलिसकर्मियों को तत्काल लाइन अटैच कर दिया।
बता दें कि भोपाल में तृप्ति सिंह के खिलाफ तीन एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं, जिनमें कई शिकायतकर्ता भी शामिल हैं। ख्याति की शिकायत के आधार पर भी तृप्ति सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इस तरह, जांच का दायरा और उलझ गया है, क्योंकि एक ओर पुलिस तृप्ति सिंह के कथित ठगी के मामलों की जांच कर रही है, वहीं दूसरी ओर पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी शिकायतें आ रही हैं। फिलहाल, इन सभी आरोपों की सच्चाई जांच के परिणाम के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।









