खनियाधाना में निर्माण कार्य की पोल खोलने वाली तस्वीरें सामने आईं
शिवपुरी जिले के खनियाधाना क्षेत्र में हाल ही में हुए विकास और निर्माण परियोजनाओं की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो इस बात का स्पष्ट संकेत देती है कि जिस इमारत पर लगभग एक करोड़ 24 लाख रुपये खर्च किए गए थे, वह महज 18 दिनों के भीतर ही जर्जर स्थिति में पहुंच गई है। यह नई उप तहसील की इमारत, जो बामोरकलां में स्थानांतरित होने वाली थी, जगह-जगह दरारों से भरी हुई दिखाई दे रही है। इससे स्थानीय ग्रामीणों और किसानों में भारी नाराजगी व्याप्त हो गई है।
लोकार्पण के बाद ही इमारत में आई दरारें और खराबी
31 अगस्त को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और पिछोर विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने बड़े ही उत्साह के साथ बामोरकलां में नई उप तहसील भवन का उद्घाटन किया था। उस समय मंत्री ने इस निर्माण कार्य की प्रशंसा भी की थी। लेकिन अब पता चला है कि निर्माण में भारी लापरवाही और घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। ठेकेदार को इस बात का अंदेशा था कि निर्माण की पोल जल्द ही खुल जाएगी, इसलिए उसने जल्दबाजी में दीवारों पर आई दरारों को पुताई और लीपापोती कर छुपाने का प्रयास किया। इसके बाद भी, महज 18 दिनों के भीतर ही इस भवन की स्थिति खराब होने लगी है, और अंदर-बाहर दोनों ओर बड़ी-बड़ी दरारें दिखाई देने लगी हैं।
स्थानीय अधिकारियों और ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
खनियाधाना तहसीलदार निशिकांत जैन का कहना है कि उन्होंने इस भवन में आई दरारों और खामियों को संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार को सूचित कर दिया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी तक इस भवन का पजेशन नहीं लिया गया है। वहीं, ग्रामीणों और किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है। उनका आरोप है कि सरकार ने इस परियोजना में 1.24 करोड़ रुपये व्यर्थ कर दिए हैं, और अधिकारियों व ठेकेदार की मिलीभगत के कारण ही यह निर्माण इतनी जल्दी खराब हो गया। उनका कहना है कि पहली ही बारिश में ही इस इमारत की नींव हिलने लगी है, जो इस बात का संकेत है कि निर्माण गुणवत्ता बेहद खराब थी।









