मध्य प्रदेश में विश्वासघात और कानूनी जालसाजी का मामला
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक ऐसा मामला प्रकाश में आया है जिसने पुलिस और कानूनी विशेषज्ञों को भी चौंका दिया है। यहां एक बैंक की महिला मैनेजर को उसके पति ने न केवल गुपचुप तरीके से तलाक दे दिया, बल्कि तलाक के बाद भी वर्षों तक उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए रखे। यह घटना रिश्तों में विश्वास की धज्जियां उड़ाने वाली है और कानूनी जालसाजी का भी उदाहरण है।
पति ने जानबूझकर कोर्ट में गलत पता दर्ज कराया
38 वर्षीय पीड़िता और उसके बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश) निवासी पति का विवाह 2011 में हुआ था। पति गुजरात की एक कंपनी में कार्यरत हैं और अक्सर भोपाल आते-जाते रहते थे। जब महिला ने हाल ही में पति को तलाक का कानूनी नोटिस भेजा, तो उसे पता चला कि उनका तलाक 2019 में ही हो चुका है। आरोपी पति ने तलाक की प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा किया। उसने जानबूझकर कोर्ट में पत्नी का गलत पता दर्ज कराया ताकि कोई भी समन या वारंट उनके पास न पहुंचे। इस धोखाधड़ी के कारण कोर्ट ने एकतरफा तलाक की डिक्री दे दी।
तंत्र-मंत्र और बेटी के जन्म पर विवाद
पीड़िता ने अपनी शिकायत में पति की सनक का भी जिक्र किया है। उसने बताया कि आरोपी पति तंत्र-मंत्र में विश्वास करता था और केवल बेटे की चाहत रखता था। उसने बेटे के जन्म के लिए एक विशिष्ट तिथि तय कर रखी थी और पत्नी पर उसी समय प्रसव के लिए दबाव बनाता था। जब महिला ने बेटी को जन्म दिया, तो आरोपी ने प्रताड़ना और मारपीट बढ़ा दी। इस क्रूरता से तंग आकर महिला ने अलग होने का फैसला किया।
कानून के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति धोखे से महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाता है, तो यह रेप की श्रेणी में आता है। महिला बैंक मैनेजर की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रेप और प्रताड़ना के आरोप में मामला दर्ज किया है। इस घटना ने रिश्तों में विश्वास और कानूनी सुरक्षा के महत्व को फिर से उजागर किया है।









