हरियाणा में फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश, विदेशी ग्राहकों को ठगने का खेल
हरियाणा के पंचकूला में पुलिस ने एक बड़े साइबर अपराध का खुलासा किया है, जहां एक फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर चलाया जा रहा था। इस ऑपरेशन में 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से चार मुख्य मास्टरमाइंड बताए जा रहे हैं। यह गिरोह विदेशी ग्राहकों को झूठे नाम और पेशकश के जरिए ठगने का काम कर रहा था।
साइबर क्राइम का जाल, विदेशी ग्राहकों को फंसाने की रणनीति
पुलिस की जांच में पता चला है कि आरोपी एक विशेष सॉफ्टवेयर का उपयोग कर विदेशी ग्राहकों से कॉल करते थे। वे खुद को एक प्रसिद्ध ई-कॉमर्स कंपनी के ग्राहक सेवा प्रतिनिधि बताकर बातचीत शुरू करते थे। बातों-बातों में पीड़ितों से उनकी व्यक्तिगत जानकारी हासिल कर ली जाती थी। फिर उन्हें रिमोट एक्सेस एप्लिकेशन डाउनलोड करने को कहा जाता था, जिससे ठगों को पीड़ित के कंप्यूटर तक पहुंच मिल जाती थी।
धोखाधड़ी का तरीका और पुलिस की कार्रवाई
इसके बाद आरोपी विभिन्न बहानों से पीड़ितों को गिफ्ट कार्ड खरीदने के लिए प्रेरित करते थे। इन कार्डों को बाद में नकदी में बदलकर मोटी कमाई की जाती थी। पुलिस ने छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, नकली विदेशी मुद्रा, सोने-चांदी के जेवरात, डायमंड और कैश जब्त किया है। बरामद की गई संपत्ति में 19 कंप्यूटर सिस्टम, लैपटॉप, हेडसेट, पीओएस मशीनें, वाई-फाई राउटर और एक करेंसी काउंटिंग मशीन शामिल हैं।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ठगी से कमाए गए पैसे हवाला नेटवर्क और क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से विभिन्न राज्यों और संभवतः विदेशों में भेजे जा रहे थे। मुख्य आरोपियों में कोलकाता का राजा सिद्दीकी, पंजाब का अक्षय उर्फ टिक्कू, दिल्ली का नवदीप बेदी उर्फ राज बेदी और हरियाणा का अंकुर कपूर शामिल हैं। इन सभी को कोर्ट में पेश कर सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
गिरफ्तार अन्य 17 कर्मचारियों में से पांच महिलाएं और 12 पुरुष हैं, जो कॉल सेंटर में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में काम कर रहे थे। पुलिस का मानना है कि इस नेटवर्क की जड़ें कहीं अधिक गहरी हो सकती हैं, और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारी हो सकती है। पुलिस की टीम इस मामले की जांच कर रही है और दूसरे राज्यों में भी छापेमारी की योजना बना रही है।











