खान ग्लोबल स्टडीज इंस्टीट्यूट में तोड़फोड़ और फायरिंग का नया मोड़
पटना के प्रसिद्ध ‘खान ग्लोबल स्टडीज इंस्टीट्यूट’ में हुई तोड़फोड़ और फायरिंग की घटना ने एक नया और चौंकाने वाला पहलू सामने ला दिया है। पिछले कुछ घंटों से चल रही खान सर (फैसल खान) के पटना सिविल कोर्ट में आत्मसमर्पण करने की खबरों को उनके कानूनी सलाहकार ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। उनके वकील अधिवक्ता अरविंद कुमार ने स्पष्ट किया है कि खान सर इस मामले में आत्मसमर्पण नहीं करेंगे, बल्कि कानूनी प्रक्रिया का सामना करेंगे।
खान सर का कोर्ट में सरेंडर करने का दावा खारिज
मीडिया ने जब अरविंद कुमार से पूछा कि क्या खान सर कोर्ट पहुंचकर आत्मसमर्पण करेंगे, तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “खान सर क्यों कोर्ट आएंगे? वे आत्मसमर्पण नहीं करेंगे।” उन्होंने यह भी बताया कि खान सर इस मामले में अग्रिम जमानत की मांग करेंगे। उल्लेखनीय है कि खान सर के खिलाफ पटना के कदमकुआं पुलिस थाने में हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज हुई है।
कानूनी जंग और आरोप-प्रत्यारोप का दौर
खान सर के वकील ने इस पूरे घटनाक्रम को एक सोची-समझी साजिश और प्रतिशोध का हिस्सा बताया है। उनका कहना है कि 2 जून को खान सर के स्टाफ ने दूसरे कोचिंग संस्थान के निदेशक के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। इसके बदले में, और खान सर को बदनाम करने के उद्देश्य से, एफआईआर के डिस्क्लोजर स्टेटमेंट में उनका नाम जबरन जोड़ दिया गया है। वकील ने यह भी कहा कि संस्थान में हुई फायरिंग के वीडियो में दिख रहे गार्ड्स ने अपनी सुरक्षा में हवा में गोलियां चलाई थीं, जिनसे किसी को चोट नहीं पहुंची।









