हरियाणा में भूजल संरक्षण के लिए कड़ी कार्रवाई
हरियाणा के करनाल जिले में भूजल स्तर को स्थिर बनाने के उद्देश्य से प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। कृषि विभाग ने पुलिस के साथ मिलकर संगोहा गांव और आसपास के क्षेत्रों में छापेमारी की, जहां ‘हरियाणा प्रिजर्वेशन ऑफ सब-सॉइल वाटर एक्ट-2009’ का उल्लंघन कर समय से पहले धान की पौध लगाई गई थी। इन पौधों को ट्रैक्टर चलाकर और स्प्रे का उपयोग कर नष्ट कर दिया गया।
पानी की कमी और किसानों की अवैध खेती पर रोक
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, करनाल क्षेत्र में लगातार पानी का स्तर गिर रहा है। धान की खेती में पानी की खपत अत्यधिक होती है, जिससे जल संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है। सरकार और कोर्ट के आदेशानुसार, कोई भी किसान 15 मई से पहले धान की पौध नहीं लगा सकता और 15 जून से पहले खेतों में धान की रोपाई नहीं कर सकता।
अधिकारियों का संदेश और किसानों में हड़कंप
मौके पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि किसानों को समय से पहले धान की खेती न करने के लिए जागरूक किया जाता है। उनका मकसद किसानों को परेशान करना नहीं, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण है। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि जो भी किसान कानून का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई से क्षेत्र के किसानों में हड़कंप मच गया है, जहां एक ओर जल संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रभावित किसानों को आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ा है।











