गुरुग्राम में नकली दवाओं का बड़ा जाल का खुलासा
गुरुग्राम से एक चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है, जिसमें एक युवक हाईटेक तरीके से नकली इंजेक्शन बनाने की योजना बना रहा था। इस पूरे नेटवर्क का मुख्य आरोपी न तो किसी मेडिकल विशेषज्ञ था और न ही किसी फार्मा कंपनी से जुड़ा हुआ। उसने यूट्यूब, गूगल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स की मदद से नकली दवाओं का निर्माण करने का तरीका सीखा।
आरोपी की पहचान और उसकी गतिविधियों का खुलासा
पुलिस ने आरोपी की पहचान अवि एकवीर शर्मा के रूप में की है, जो गुरुग्राम की एक विश्वविद्यालय से बीबीए की पढ़ाई छोड़ चुका है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि अवि ने पहले आयुर्वेदिक पेन रिलीफ ऑयल की सप्लाई का व्यवसाय शुरू किया था, लेकिन अधिक पैसे कमाने की लालच में उसने नकली इंजेक्शन बनाने का रास्ता अपना लिया।
मशहूर दवा का नकली वर्जन बनाने की योजना
पुलिस के अनुसार, अवि ने खासतौर पर Mounjaro नामक इंजेक्शन को टारगेट किया, जो एक एंटी-डायबिटिक दवा है और वजन घटाने के लिए भी तेजी से लोकप्रिय हो रही है। बाजार में इसकी भारी मांग और ऊंची कीमत को देखते हुए, उसने इसका नकली संस्करण बनाने की योजना बनाई।
अवि ने 14 मार्च को चीन की ई-कॉमर्स वेबसाइट Alibaba से लगभग ढाई लाख रुपये का कच्चा माल मंगवाया, जिसका उपयोग नकली इंजेक्शन बनाने के लिए किया जाना था। उसका लक्ष्य इस नकली उत्पाद को करीब 45 लाख रुपये में बेचने का था, और उसने हर महीने दो करोड़ से अधिक कमाने का भी लक्ष्य तय किया था।
जांच में पता चला कि अवि ने इंटरनेट के माध्यम से नकली इंजेक्शन बनाने की पूरी प्रक्रिया सीखी थी। उसने यूट्यूब वीडियो, गूगल सर्च और AI प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर फॉर्मूला, पैकेजिंग और मार्केटिंग की जानकारी हासिल की। इतना ही नहीं, उसने नकली इंजेक्शन की पैकिंग इतनी असली बनाने का प्रयास किया कि सामान्य व्यक्ति ही नहीं, कई बार मेडिकल स्टाफ भी धोखा खा सकता था।
18 अप्रैल को गुरुग्राम में पुलिस और ड्रग विभाग की टीम ने छापेमारी कर नकली दवाओं का पूरा सेटअप बरामद किया। अगले ही दिन, 19 अप्रैल को अवि को गिरफ्तार कर लिया गया। ड्रग विभाग के अधिकारी डॉक्टर अमनदीप चौहान के अनुसार, यह मामला अत्यंत गंभीर है, क्योंकि नकली दवाएं सीधे लोगों की जान से खिलवाड़ कर सकती हैं। खासकर Mounjaro जैसी दवा, जो डायबिटीज और वजन नियंत्रण में मदद करती है, का नकली वर्जन बाजार में आना बहुत खतरनाक हो सकता है।
जांच में यह भी सामने आया है कि अवि इस काम को अकेले ही अंजाम दे रहा था, लेकिन यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस नेटवर्क में और भी लोग शामिल थे। फिलहाल, पुलिस उसकी सप्लाई चेन और संपर्कों की जांच कर रही है। आरोपी अभी पुलिस हिरासत में है और उससे पूछताछ जारी है।











