भोपाल की सोसाइटी में बुजुर्ग की मौत का खुलासा
भोपाल की एक उच्च श्रेणी की सोसाइटी से सामने आई यह घटना सिस्टम और सोसाइटी प्रबंधन की गंभीर लापरवाही को उजागर करती है। मिसरोद क्षेत्र की चिनार ड्रीम सिटी सोसाइटी में 77 वर्षीय प्रीतम गिरी गोस्वामी की मौत के बाद जो सच्चाई सामने आई, उसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। बुजुर्ग का शव लगभग दस से ग्यारह दिनों तक लिफ्ट के डक्ट में फंसा रहा, जबकि परिजन और पुलिस उन्हें खोजते रहे।
मृतक की गुमशुदगी और शव का पता चलना
यह मामला 7 जनवरी का है, जब प्रीतम गिरी गोस्वामी रोज की तरह धूप का आनंद लेने के लिए घर से निकले थे। वह अपने बेटे धर्मेंद्र गोस्वामी के साथ फ्लैट नंबर D-304 में रहते थे। लेकिन जब वह घर वापस नहीं लौटे, तो परिवार की चिंता बढ़ गई और उन्होंने मिसरोद थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
लिफ्ट में शव मिलने का मामला और सुरक्षा की अनदेखी
परिजनों ने पुलिस को सूचित किया, लेकिन कई दिनों तक बुजुर्ग का कोई सुराग नहीं मिला। इस बीच, सोसाइटी में किसी को भी अंदाजा नहीं था कि बुजुर्ग का शव लिफ्ट के डक्ट में ही छिपा हुआ है। शनिवार रात को अचानक सोसाइटी की लिफ्ट से तेज बदबू आने लगी। जब टेक्नीशियन ने लिफ्ट डक्ट में जाकर देखा, तो वहां का दृश्य देखकर वह स्तब्ध रह गए। बुजुर्ग का शव वहां पड़ा था, जो बुरी तरह से कुचल चुका था। शव की हालत इतनी खराब थी कि उसकी पहचान भी मुश्किल हो गई। तुरंत पुलिस को सूचित किया गया, और शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
मृतक के परिजनों और सोसाइटी के लोगों का आरोप है कि लिफ्ट पहले से ही खराब थी, लेकिन इसकी मरम्मत के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए। हर महीने 1500 रुपये का मेंटेनेंस चार्ज लिया जाता है, लेकिन फिर भी सुरक्षा मानकों का उल्लंघन किया गया। परिजन का कहना है कि यदि समय रहते लिफ्ट का सही तरीके से रखरखाव किया गया होता, तो यह हादसा टल सकता था।
मृतक के बेटे धर्मेंद्र गोस्वामी ने इस घटना को बिल्डर और सोसाइटी प्रबंधन की लापरवाही बताया है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है और कहा है कि सभी खराब लिफ्टों को तुरंत ठीक किया जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी पीड़ा न झेलनी पड़े। यह घटना केवल एक दुर्घटना नहीं है, बल्कि उन प्रबंधन और बिल्डरों पर बड़ा सवाल है, जो मेंटेनेंस के नाम पर पैसे तो लेते हैं, लेकिन निवासियों की सुरक्षा को नजरअंदाज कर देते हैं।









