खानौरी बॉर्डर पर किसान आंदोलन का अंत और नई रणनीति की तैयारी
पंजाब और हरियाणा के खनौरी सीमा पर चल रहे किसानों के धरने का समापन हो गया है। किसान नेताओं ने चौथे दिन ही बड़ा फैसला लेते हुए आंदोलन को स्थगित करने की घोषणा की। इस निर्णय के बाद केंद्र सरकार ने भी किसानों को 4 सितंबर को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है, जिसे किसानों ने अपनी बड़ी जीत माना है। किसानों ने पहले अर्धनग्न प्रदर्शन की चेतावनी दी थी, जिसे अब सरकार से बातचीत का न्योता मिलने के बाद स्थगित कर दिया गया है। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा, “यह केवल एक पड़ाव है, अभी लड़ाई खत्म नहीं हुई है।”
किसानों की घर वापसी और आगामी बैठक की तैयारी
सरकार की ओर से वार्ता का न्योता मिलने के बाद खनौरी बॉर्डर से किसानों की वापसी शुरू हो गई है। किसान नेता डल्लेवाल ने बताया कि 4 सितंबर को होने वाली बैठक में कृषि मंत्रालय और केंद्र के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इस बैठक के परिणामों के आधार पर ही आगे की रणनीति तय की जाएगी। साथ ही, देशभर में किसान महापंचायतों का दौर भी जारी रहेगा, जिसमें ट्रेड डील और अन्य कृषि संबंधित मुद्दों पर चर्चा होगी।
किसानों का आंदोलन समाप्ति और नई योजना का संकेत
बता दें कि इससे पहले किसानों ने दिल्ली कूच का ऐलान किया था, लेकिन बाद में उन्होंने सड़क बंद करने के बजाय शांतिपूर्ण प्रदर्शन का विकल्प चुना। उन्होंने यह भी घोषणा की थी कि वे 28 अगस्त तक अपने घरों से तैयारी कर खनौरी बॉर्डर पर डटे रहेंगे। अब उनका यह प्रदर्शन समाप्त हो चुका है। इस बीच, किसान नेताओं ने आगामी रणनीति के लिए तैयारियों का संकेत दिया है, जो 4 सितंबर की बैठक के नतीजों पर निर्भर करेगा।










