दिल्ली पुलिस ने 28 वर्षों बाद कुख्यात अपराधी को किया गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक ऐसे अपराधी को गिरफ्तार किया है, जो पिछले तीन दशकों से फरार था। यह आरोपी अपनी पहचान छुपाने और पुलिस की पकड़ से बचने के लिए लगातार अपनी पहचान बदलता रहा।
आरोपी की पहचान और उसकी छिपने की रणनीति
गिरफ्तार किए गए इस अपराधी की उम्र 53 वर्ष है। वह विभिन्न नामों से जाना जाता था, जैसे राजिंदर बैरागी, राजिंदर सिंह यादव और डॉ. झटका। इस पर कई गंभीर अपराध दर्ज हैं। वर्ष 1998 में हरियाणा के सोनीपत में हरियाणा पुलिस के जवान जय भगवान की हत्या का मुख्य आरोपी है। इसके अतिरिक्त, दिल्ली और हरियाणा में हत्या की कोशिश के कई मामले भी इस पर दर्ज हैं। 1999 में यह पुलिस कस्टडी से हथकड़ी समेत भाग निकला था।
अपनी पहचान बदलकर पुलिस से बचने का प्रयास
पुलिस से बचने के लिए इस अपराधी ने अपनी पूरी पहचान बदल ली थी। उसने मध्य प्रदेश के अशोक नगर जिले के मुंगावली में अपना ठिकाना बनाया और अपना नाम बदलकर राजेंद्र सिंह यादव रख लिया। गिरफ्तारी से पहले उसने महाराष्ट्र के कोलाबा में केंद्रीय विद्यालय में फिजिकल एजुकेशन का शिक्षक के रूप में नौकरी की। इसके बाद वह मुंगावली में बस गया और वहां एक सरकारी अस्पताल में काम करने वाली महिला से शादी कर ली। समाज में घुलने-मिलने के लिए उसने बिना डिग्री के डॉक्टर का रूप धारण कर लिया, जिसे लोग डॉ. झटका कहने लगे। साथ ही, उसने प्रॉपर्टी डीलर का काम भी शुरू कर दिया। अपनी नई पहचान के आधार पर उसने स्थानीय दस्तावेज भी बनवाए थे।
आखिरकार 28 साल बाद पुलिस ने किया गिरफ्तारी
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच लंबे समय से फरार अपराधियों की तलाश में थी। जांच के दौरान, पुलिस को पता चला कि यह कोई सामान्य अपराधी नहीं बल्कि हरियाणा पुलिस के जवान की हत्या और कस्टडी से भागने के मामलों में वॉन्टेड है। पुलिस ने उसकी डिजिटल गतिविधियों और रोजाना के रूटीन का विश्लेषण किया। अंततः, एक विशेष टीम ने मध्य प्रदेश के मुंगावली में छापा मारा और उसे गिरफ्तार कर लिया।
मामले और आरोपी का अपराधी इतिहास
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि यह आरोपी मूल रूप से कबड्डी का खिलाड़ी था, और खेल के दौरान ही अपराधियों के संपर्क में आया। उस पर दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के विभिन्न थानों में हत्या, हत्या की कोशिश, हथियार कानून और चोरी के कई गंभीर मामले दर्ज हैं। 28 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद, दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई ने आखिरकार इस खतरनाक अपराधी को कानून के शिकंजे में ला दिया है। अभी पुलिस उससे पूछताछ कर रही है ताकि उसके पुराने नेटवर्क और अन्य मामलों की जानकारी प्राप्त की जा सके।











