बिहार में शराबबंदी के बाद तस्करी के नए तरीके सामने
बिहार में 2016 में लागू हुई शराबबंदी के बाद से राज्य में महिलाओं ने इस कदम का व्यापक समर्थन किया है। हालांकि, तस्कर अब भी शराब की अवैध तस्करी को रोकने में असमर्थ हैं, क्योंकि वे पुलिस और प्रशासन को चकमा देने के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। हाल ही में दरभंगा से एक ऐसा ही मामला प्रकाश में आया है, जिसमें अवैध शराब की तस्करी का पर्दाफाश हुआ है।
दरभंगा में विदेशी शराब की बड़ी खेप जब्त
दरभंगा के मद्य निषेध विभाग ने अवैध शराब के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई की है। बहेड़ी थाना क्षेत्र के शिवराम गांव में टीम ने एक कंटेनर से 1309.32 लीटर विदेशी शराब जब्त की है। यह शराब फेविकोल की मदद से दूसरे स्थान पर ले जाई जा रही थी। बताया गया है कि तस्कर इस कंटेनर का इस्तेमाल कर शराब की तस्करी कर रहे थे, जो शिवराम गांव में फंस गया था।
कार्रवाई और आगे की कार्रवाई
सूचना मिलते ही मद्य निषेध टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू कर दी। वाहन को हटाने के लिए JCB और क्रेन का सहारा लिया गया। इसके बाद कंटेनर को मद्य निषेध थाना, सदर लाया गया। यह कार्रवाई दरभंगा के डीएम कौशल कुमार के निर्देश पर जिले में चलाए जा रहे अवैध शराब विरोधी अभियान का हिस्सा है। टीम ने जब कंटेनर की जांच की, तो उसमें भारी मात्रा में विदेशी शराब मिली। शराब की कुल मात्रा 1309.32 लीटर बताई गई है, जिसे फेविकोल की आड़ में ले जाया जा रहा था।
अधिकारियों का कहना है कि इस तस्करी में इस्तेमाल कंटेनर को भी जब्त कर लिया गया है। सहायक आयुक्त (मद्य निषेध) प्रदीप कुमार ने बताया कि कंटेनर फंस गया था, जिसे JCB और क्रेन की मदद से निकाला गया। आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है। जिला प्रशासन का कहना है कि अवैध शराब के कारोबार और तस्करी के खिलाफ अभियान जारी रहेगा, और इसमें संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध शराब की निर्माण, बिक्री या परिवहन की सूचना मिले, तो तुरंत संबंधित विभाग या प्रशासन को सूचित करें। इससे अवैध शराब की तस्करी नेटवर्क को तोड़ने में मदद मिलेगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून के तहत तस्करों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान में मद्य निषेध टीम ने जब्त शराब और कंटेनर के संबंध में आवश्यक कदम उठाए हैं, जो जिले में चलाए जा रहे शराब विरोधी अभियान की महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है।










