22 वर्षीय छात्रा की हत्या: एक होनहार जीवन का अंत
एक होनहार छात्रा, जिसने 12वीं कक्षा में पूरे भारत में टॉप किया था और IIT से इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की थी, अब UPSC की तैयारी कर रही थी। उसकी आंखों में देश के लिए कुछ करने का सपना और परिवार में अनुशासन का माहौल था। लेकिन 22 अप्रैल की सुबह एक दर्दनाक घटना ने उसकी जिंदगी को हमेशा के लिए बदल दिया।
हत्या का आरोपी और उसकी जटिल पहचान
पुलिस के अनुसार, इस जघन्य अपराध में गिरफ्तार आरोपी राहुल मीणा कोई अनजान व्यक्ति नहीं था। वह पहले भी उसी घर में काम कर चुका था और घर की संरचना, ताले और आवागमन की जानकारी रखता था। सूत्रों का कहना है कि आरोपी को यह भी पता था कि लड़की के माता-पिता सुबह जिम जाते हैं। इसी जानकारी का उपयोग करते हुए वह सुबह-सुबह बिल्डिंग में दाखिल हुआ और सीधे उस स्टडी रूम की ओर बढ़ा, जहां लड़की पढ़ रही थी। यह स्टडी रूम घर की छत पर अलग से बना हुआ था, शांत और एकांत, पढ़ाई के लिए उपयुक्त। लेकिन कुछ ही मिनटों में सब कुछ बदल गया।
घटना का क्रम और आरोपी की क्रूरता
पुलिस के मुताबिक, आरोपी सीधे स्टडी रूम में पहुंचा और लड़की को पकड़ने का प्रयास किया। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि उसने लड़की का गला दबाने की कोशिश की ताकि वह विरोध न कर सके। लेकिन लड़की ने साहस दिखाया और मुकाबला किया। इस संघर्ष के दौरान आरोपी ने लैंप और भारी वस्तुओं से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई और बेहोश हो गई। पुलिस का मानना है कि इसी अवस्था में आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
इसके बाद आरोपी का अगला कदम लॉकर की ओर था। वह लॉकर थंब इम्प्रेशन से खुलता था। आरोपी ने बेहोशी की हालत में युवती को नीचे खींचा और लॉकर के पास ले आया। खून से लथपथ हालत में उसने युवती के हाथ को लॉकर पर रखकर खोलने का प्रयास किया, लेकिन लॉकर नहीं खुला। जांच में पता चला है कि उस समय युवती की मौत हो चुकी थी या उसकी प्रतिक्रिया समाप्त हो चुकी थी, जिससे बायोमेट्रिक सिस्टम काम नहीं कर पाया। फिर आरोपी ने पेचकस से लॉकर तोड़ने की कोशिश की और उसमें रखी नकदी और जेवरात चुरा लिए।
घटना स्थल से भागने का तरीका भी आरोपी का क्रूर चेहरा दिखाता है। उसके कपड़ों और जूतों पर खून लगा था। उसने अपने कपड़े बदले और घर में मौजूद लड़की के भाई के कपड़े पहन लिए। चप्पल पहनकर वह मौके से फरार हो गया। घर का बैग उठाकर उसमें कैश और ज्वेलरी भरी और बिना किसी को भनक लगे वह भाग निकला। दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी राहुल मीणा को द्वारका (Dwaraka) से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने शुरुआत में लूट का मकसद बताया, लेकिन जांच एजेंसियां इस घटना को सिर्फ लूट का मामला नहीं मान रही हैं।
आरोपी का अंधेरा अतीत और उसकी मानसिकता
पुलिस के अनुसार, आरोपी कम उम्र में ही गलत आदतों का शिकार हो चुका था। वह ऑनलाइन जुए और खासकर ‘तीन पत्ती’ जैसे गेम्स में लिप्त था, जहां से उसे पैसा मिलता था। इस पैसे का इस्तेमाल वह महिलाओं के साथ संबंध बनाने में करता था। धीरे-धीरे यह आदत लत में बदल गई और उसकी सोच विकृत हो गई। जांच में यह भी सामने आया है कि 21 अप्रैल को, यानी इस घटना से एक दिन पहले, आरोपी ने राजस्थान के अलवर (Alwar) में एक शादीशुदा महिला के साथ दुष्कर्म किया था और उसे जान से मारने की धमकी दी थी। इसके तुरंत बाद वह दिल्ली पहुंचा और इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया।
जांच अधिकारी मानते हैं कि आरोपी की नजर पहले से ही उस लड़की पर हो सकती थी। घर की पूरी जानकारी होने के बावजूद उसने उसी समय और उसी जगह वारदात को अंजाम दिया, जब लड़की अकेली थी। इससे यह संकेत मिलता है कि यह अपराध पूर्व नियोजित हो सकता है।
एक प्रतिभाशाली छात्रा का दुखद अंत
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मृतक युवती पढ़ाई में बहुत होनहार थी। उसने 12वीं में ऑल इंडिया टॉप किया था, IIT से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की थी और अब UPSC की तैयारी कर रही थी। परिजनों ने बताया कि हाल ही में उसे सुबह जल्दी उठकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया गया था। लेकिन उसी सुबह, एक भरोसेमंद घटना ने उसकी जिंदगी का सूरज हमेशा के लिए डूबा दिया।











