दिल्ली में अवैध और खतरनाक इमारतों पर MCD की सख्त कार्रवाई
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने अवैध और खतरनाक इमारतों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। पिछले दो दिनों में कुल 34 संपत्तियों को तोड़फोड़ कर गिराया गया है, जबकि 17 इमारतों को सील कर दिया गया है। इसके साथ ही लगभग 1243 पीजी (PG) इमारतों की जांच भी शुरू कर दी गई है। जानिए, किन इलाकों में कार्रवाई हुई और किन इमारतों को खतरा मंडरा रहा है, इस रिपोर्ट में विस्तार से जानकारी दी गई है।
संपत्तियों पर कार्रवाई और कानूनी कदम
बुधवार को हुई कार्रवाई में MCD ने 22 कारण बताओ नोटिस जारी किए और 4 अवैध इमारतों को तोड़ने के आदेश दिए। इन नोटिसों का मकसद उन संपत्तियों को चिन्हित करना था, जिनमें नियमों का उल्लंघन हुआ है। जिन इमारतों में अनियमितता पाई गई, उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई के साथ ही कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
जामा मस्जिद के पास एक इमारत के ग्राउंड फ्लोर की दो छत की प्लेट और एक पार्टिशन वॉल को तोड़ा गया। बाजार सीताराम के सदक प्रेम नारायण में भी अवैध निर्माण पर कार्रवाई की गई। विकास नगर और द्वारका सेक्टर 17 में उन इमारतों को भी गिराया गया, जिन्हें खतरनाक घोषित किया गया था।
इसके अलावा राणा प्रताप बाग में तीसरी मंजिल की चार RCC (Reinforced Cement Concrete) छत की प्लेट और पहली मंजिल की एक प्लेट हटा दी गई। मॉडल टाउन के सरदार नगर में तीन छत की प्लेट तोड़ी गई और लोहे का ढांचा काटा गया। इन कदमों का उद्देश्य अवैध निर्माण को रोकना और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
PG इमारतों की सुरक्षा और जांच का अभियान
म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (MCD) ने करीब 1243 ऐसी इमारतों की पहचान की है, जहां पीजी (PG) चल रहे हैं। इन इमारतों में लगभग 24 हजार लोग रह रहे हैं। फिलहाल, इनका उद्देश्य इन इमारतों का डेटाबेस बनाना और यह जांचना है कि ये रहने के लिहाज से कितनी सुरक्षित हैं। खासतौर पर पांच मंजिल से अधिक ऊंची RCC (Reinforced Cement Concrete) वाली इमारतों और चार मंजिल से ऊपर की ईंट की दीवारों वाली इमारतों की सुरक्षा का आकलन किया जा रहा है।
म्युनिसिपल अधिकारियों ने 10 सितंबर तक इस सर्वे को पूरा करने का निर्देश दिया है। इस सर्वे के बाद पीजी इमारतों को चार श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाएगा: पहली सुरक्षित, दूसरी मामूली मरम्मत की जरूरत वाली, तीसरी बड़ी मरम्मत की आवश्यकता वाली और चौथी खतरनाक।
यह अभियान उन इमारतों की सुरक्षा का भी ध्यान रख रहा है, जहां हजारों लोग रह रहे हैं। सत्य निकेतन हादसे के बाद शुरू हुई यह कार्रवाई अब दिल्ली के विभिन्न इलाकों में फैल चुकी है। 34 डिमोलिशन, 17 इमारतों की सीलिंग और 1243 पीजी की जांच से स्पष्ट है कि दिल्ली MCD ने भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए कड़ी मेहनत शुरू कर दी है।









