अखिलेश यादव ने छात्रों पर लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने हाल ही में भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और नीट परीक्षा पेपर लीक की घटनाओं को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया, जिसमें प्राइवेट कपड़ों में मौजूद कुछ लोग छात्रों को पीटते नजर आए। यादव ने यह भी कहा कि मंत्रियों के इस्तीफे का दबाव न बनने का कारण यह है कि उनके इस्तीफे से कई राज खुल सकते हैं।
हिटलर से तुलना और लोकतंत्र की चिंता
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि जिस तरह हिटलर ने अपने समर्थकों का गैंग बनाया था, उसी तरह कुछ प्राइवेट कपड़ों में मौजूद लोग छात्रों पर लाठीचार्ज कर रहे थे। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए अस्वीकार्य बताया और कहा कि पार्टी इस सरकार के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी। यादव ने सरकार से अपील की कि आंदोलनकारियों को हटाने के बजाय सम्मान के साथ कुर्सी छोड़ दी जाए।
नीट पेपर लीक और सरकार की जिम्मेदारी
नीट परीक्षा को लेकर अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि पेपर लीक की जिम्मेदारी पूरी तरह से सरकार की है, और इसी कारण परीक्षा दोबारा करानी पड़ी। उन्होंने कहा कि जहां जहां भाजपा की सरकार है, वहां पेपर लीक की घटनाएं हो रही हैं, और उत्तर प्रदेश में अब तक 20 से अधिक पेपर लीक हो चुके हैं। ओएमआर शीट में गड़बड़ी की शिकायतें भी उन्होंने उठाई। प्रधानमंत्री द्वारा नीट मामले में सख्त कार्रवाई और जिम्मेदारी की बात पर पलटवार करते हुए यादव ने कहा कि पेपर लीक रोकना सरकार की अपनी जिम्मेदारी है, इसे सामूहिक नहीं कहा जा सकता। उन्होंने आगे कहा कि चढ़ावा चोरी मामले में बनी एसआईटी की जांच में और बड़े राज खुल सकते हैं। अंत में, यादव ने कहा कि घायल छात्रों का इलाज और उन्हें जल्द स्वस्थ करना सरकार की जिम्मेदारी है।









