भारत में रक्षा मंत्री की उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कर्तव्य भवन में मंत्रियों के अनौपचारिक समूह (IGoM) की एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पश्चिम एशिया संकट की स्थिति पर नजर रखना और भारत पर इसके संभावित प्रभावों को कम करने के उपायों पर चर्चा करना था। यह बैठक कर्तव्य भवन-2 में आयोजित की गई, जहां देश की सुरक्षा और रणनीतिक स्थिति पर विचार-विमर्श हुआ।
पश्चिम एशिया संकट और ऊर्जा आपूर्ति पर चर्चा
इस बैठक में विशेष रूप से हिंद महासागर क्षेत्र, होर्मुज स्ट्रेट और ईंधन की आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित किया गया। इससे पहले 28 मार्च और 2 अप्रैल 2026 को भी ऊर्जा आपूर्ति और बुनियादी ढांचे की स्थिरता को लेकर चर्चा हुई थी। इन बैठकों का उद्देश्य वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाना है। प्रधानमंत्री ने संसाधनों के संरक्षण का आह्वान किया था, जो इस बैठक के बाद पहली बड़ी रणनीतिक बैठक साबित हुई। सरकार इस समय वैश्विक सप्लाई चेन में आ रही बाधाओं को लेकर अत्यंत सतर्क है।
संबंधित खबरें और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रयास
इस बीच, देश में विभिन्न खबरें भी चर्चा का विषय बनी हैं। संभल के स्कूल में एक मुस्लिम शिक्षक द्वारा हिंदू छात्रों को टोपी और हिजाब पहनाने का मामला सुर्खियों में है। वहीं, NEET परीक्षा का ‘सीक्रेट’ गेस पेपर किसके पास पहुंचा, यह भी जांच का विषय है। दिल्ली में मौसम फिर से बदलने वाला है, तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही, जेईई एडवांस्ड का एडमिट कार्ड आज जारी होने की संभावना है, और सीबीएसई 12वीं के रिजल्ट का भी इंतजार खत्म हो सकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद में देशवासियों से वैश्विक तनाव के बीच आर्थिक आत्मरक्षा का मंत्र अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देशभक्ति केवल सीमा पर बलिदान देने का नाम नहीं है, बल्कि जिम्मेदारी से जीवन जीने में भी है। मोदी ने नागरिकों से ईंधन बचाने, मेट्रो और इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करने, घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने और ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने के लिए गैर-जरूरी विदेश यात्राओं से बचने का भी सुझाव दिया। किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने और रसायनों के उपयोग में 50% की कटौती करने का भी आह्वान किया गया, ताकि देश की आर्थिक आत्मनिर्भरता मजबूत हो सके।









