दिल्ली सरकार की महिला समृद्धि योजना का उद्देश्य और बजट
दिल्ली सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए नई योजना शुरू करने का फैसला किया है, जिसे ‘महिला समृद्धि योजना’ कहा जाता है। इस योजना के तहत हर महीने कमजोर महिलाओं को 2500 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना के लिए जल्द ही रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू होने वाली है, जिससे लगभग 17 लाख महिलाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि, यह योजना सभी महिलाओं के लिए नहीं है, बल्कि विशेष पात्रता मानदंडों को पूरा करने वाली महिलाओं को ही इसका लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस योजना के लिए वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में 5100 करोड़ रुपये का बड़ा बजट आवंटित किया है। पिछले साल भी इतना ही बजट तय किया गया था, लेकिन लाभार्थियों का डेटा न होने के कारण इसमें देरी हुई थी। इस बार सरकार ने योजना को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए कड़े पात्रता नियम तय किए हैं।
कौन-कौन महिलाएं इस योजना का लाभ प्राप्त करेंगी?
इस योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जो गरीबी रेखा से नीचे (BPL) श्रेणी में आती हैं। आवेदन करने के लिए महिला के पास दिल्ली का आधार कार्ड होना जरूरी है। यह योजना महिला और बाल विकास विभाग द्वारा लागू की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री के पास है। सरकार का मानना है कि इस योजना से सीधे बैंक खातों में पैसा पहुंचने से महिलाओं की बुनियादी जरूरतें पूरी होंगी और उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बार-बार भरोसा दिलाया है कि इस योजना को पूरी पारदर्शिता और मजबूत योजना के साथ लागू किया जाएगा। पिछले साल मार्च में इस योजना को शुरू करने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया था, जिसमें कई कैबिनेट मंत्री भी शामिल थे।
पारदर्शिता और योजना का उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य दिल्ली की गरीब महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। सरकार का मानना है कि बैंक खातों में सीधे पैसा पहुंचने से महिलाओं की जीवन गुणवत्ता में सुधार होगा और उनकी बुनियादी आवश्यकताएं पूरी होंगी। यह कदम महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।











