प्रधानमंत्री मोदी का भारत के लोकतंत्र और भाषाई विविधता पर भाषण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में कहा कि भारत को विश्व का लोकतंत्र का जन्मदाता माना जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि देश में विभिन्न भाषाओं की संख्या 100 से अधिक है, जो इसकी सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक हैं। मोदी ने यह भी उल्लेख किया कि 2014 से पहले भारत में केवल कुछ सौ स्टार्टअप्स ही सक्रिय थे, लेकिन अब इनकी संख्या बढ़कर 2.5 लाख से अधिक हो चुकी है। यह विकास भारत की उद्यमशीलता और नवाचार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
भारत में स्टार्टअप्स का अभूतपूर्व विकास
प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में भारत में स्टार्टअप्स का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। 2014 से पहले देश में केवल कुछ सौ स्टार्टअप्स ही मौजूद थे, लेकिन अब यह संख्या 2.5 लाख से अधिक हो गई है। यह वृद्धि भारत की आर्थिक प्रगति और युवा उद्यमियों की मेहनत का परिणाम है। सरकार ने इन नवाचारों को प्रोत्साहित करने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं, जिससे देश में नई नौकरियों और आर्थिक स्थिरता का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
भारत की नई उपलब्धियों और वैश्विक प्रतिस्पर्धा
हाल ही में भारत के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है, जिसमें कहा गया है कि अब भारत चीन (China), अमेरिका (US) और यूनाइटेड किंगडम (UK) जैसी शक्तियों को पीछे छोड़ते हुए अपनी जगह बना रहा है। यह सफलता भारत की आर्थिक और तकनीकी प्रगति का संकेत है, जो देश को वैश्विक स्तर पर मजबूत स्थिति में ला रही है। इस उपलब्धि से यह स्पष्ट होता है कि भारत अब विश्व मंच पर अपनी अलग पहचान बना रहा है और आने वाले वर्षों में और भी अधिक प्रगति करने की दिशा में अग्रसर है।









