दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव 2026 के घोषणापत्र जारी
दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के छात्र संघ चुनाव 2026 के लिए प्रमुख राजनीतिक संगठनों ने अपने-अपने घोषणापत्र सार्वजनिक कर दिए हैं। इन घोषणापत्रों में छात्रों से जुड़े विभिन्न अहम मुद्दों को स्थान दिया गया है, जिनमें छात्रावास, कैंपस सुरक्षा, शिक्षा, रोजगार और मूलभूत सुविधाएं शामिल हैं। दोनों संगठनों ने अपने-अपने एजेंडों को स्पष्ट करते हुए छात्रों के हितों को प्राथमिकता दी है।
ABVP का फोकस: आवास, सुरक्षा और छात्र भागीदारी
13 सितंबर को जारी किए गए अपने घोषणापत्र में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने मुख्य रूप से छात्रावास और सुरक्षा पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। संगठन ने नए हॉस्टल बनाने, छात्राओं के लिए पर्याप्त आवास सुविधाएं, और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का वादा किया है। इसमें महिला छात्रों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा गश्त बढ़ाने, पिंक बूथ और महिला सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव भी शामिल है। साथ ही, कैंपस में बेहतर प्रकाश व्यवस्था, सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन, और स्वास्थ्य केंद्रों में महिला डॉक्टर की सुविधा का भी उल्लेख किया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में, ABVP ने समय पर परीक्षा परिणाम, सप्लीमेंट्री परीक्षाओं का आयोजन, और इंटरनल इवैल्यूएशन में पारदर्शिता का वादा किया है। रोजगार के मोर्चे पर, संगठन ने जॉब फेयर, इंडस्ट्री साझेदारी, और डिजिटल स्किल ट्रेनिंग का समर्थन किया है।
NSUI का दृष्टिकोण: जवाबदेही, अधिकार और बुनियादी सुविधाएं
14 सितंबर को अपने घोषणापत्र का प्रकाशन करने वाले राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने अपने एजेंडे में छात्र अधिकार, शिक्षा, आवास, सुरक्षा, और सामाजिक न्याय को प्रमुखता दी है। संगठन ने किफायती पीजी और किराए के मकान उपलब्ध कराने, वेरिफिकेशन पोर्टल के माध्यम से किराया नियंत्रण लागू करने, और छात्रों के लिए सस्ता मेट्रो पास प्रदान करने का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा, NSUI ने 24 घंटे लाइब्रेरी, सब्सिडी वाली कैंटीन, बेहतर खेल सुविधाएं, वाई-फाई, और स्वच्छ पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने का वादा किया है। मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने, यौन उत्पीड़न के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति, और छात्रवृत्ति में वृद्धि जैसे मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है। संगठन ने इंटर्नशिप, करियर काउंसलिंग, और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने का भी समर्थन किया है।











