ग्वालियर में मुख्य आरोपी महेश यादव की मृत्यु
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में इलाज के दौरान दतिया के चर्चित राजगढ़ चौराहा सामूहिक हत्याकांड के मुख्य आरोपी महेश यादव का निधन हो गया है। महेश यादव उन सात दोषियों में शामिल था, जिन्हें इस सनसनीखेज हत्याकांड में 11-11 बार आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। यह मामला लगभग 23 साल पुराना है, जिसमें दतिया के राजगढ़ चौराहे पर दिनदहाड़े गोलीबारी की घटना में चार लोगों की जान चली गई थी। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद 2024 में अदालत ने सभी आरोपियों को सजा सुनाई थी। अब महेश यादव की मौत ग्वालियर में इलाज के दौरान हो गई है।
23 साल पुराने हत्याकांड का मामला और अदालत का फैसला
यह कहानी 23 अप्रैल 2003 से शुरू होती है, जब दतिया के राजगढ़ चौराहे पर दो पक्षों के बीच हिंसक गैंगवार हुआ। उस समय अचानक गोलीबारी की तेज आवाज से पूरा इलाका दहल उठा। उस दिन रास्ते में घेरकर किए गए हमले में चार लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। इस जघन्य हत्याकांड में महेश यादव को मुख्य आरोपी माना गया, और उसके खिलाफ लंबा मुकदमा चला।
इस जाँच और कानूनी कार्रवाई में लगभग दो दशक का समय लगा। अंततः दिसंबर 2024 में अदालत ने फैसला सुनाते हुए महेश यादव सहित छह अन्य आरोपियों को दोषी करार दिया। सभी को विभिन्न धाराओं में 11 बार आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई, जिसमें महेश यादव को 11 उम्रकैद की सजा मिली।
महेश यादव की मौत और आगे की कार्रवाई
हालांकि, अब इस मामले में नया मोड़ आया है। ग्वालियर में इलाज के दौरान महेश यादव की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल लाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि उसकी तबीयत खराब होने के कारण उसे उपचार के लिए ग्वालियर लाया गया था।
महेश यादव की मृत्यु के बाद पुलिस और जेल प्रशासन ने नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस जघन्य हत्याकांड के आरोपी की मौत ने पूरे मामले को नया रूप दे दिया है, और अब इस मामले का अंतिम निष्कर्ष निकाला जा रहा है।










