नोएडा पुलिस का सोशल मीडिया पर कड़ा कदम
नोएडा पुलिस ने सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक और भड़काऊ पोस्टों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बीच, पुलिस ने तीन अलग-अलग सोशल मीडिया खातों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जिन पर अफवाहें फैलाने का आरोप है। इन पोस्टों का मकसद कानून व्यवस्था को बिगाड़ना और आम जनता में भय और भ्रम फैलाना बताया गया है।
भ्रामक पोस्टों का खुलासा और पुलिस की जांच
पहला मामला 22 जुलाई 2026 का है, जिसमें इंस्टाग्राम अकाउंट jantar_mantar__live_24 (Sach Ki Baat Gen-Z) से एक वीडियो साझा किया गया था। इसमें दावा किया गया कि नोएडा में भारी औद्योगिक अशांति है, हजारों मजदूर आंदोलन कर रहे हैं और सेक्टर-63, चिल्ला बॉर्डर पर यातायात बाधित है। पुलिस की जांच में यह दावा झूठा और भ्रामक पाया गया।
दूसरे मामले में 23 जुलाई 2026 को साइबर थाना पुलिस ने इंस्टाग्राम अकाउंट charchajunctionnews और ट्विटर हैंडल Truth @TruthfulCriticI के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। इन खातों से एक वीडियो प्रसारित किया गया, जिसमें कहा गया कि नोएडा पुलिस ने आम जनता के साथ अभद्र व्यवहार किया। हालांकि, पुलिस का कहना है कि इन दावों और वीडियो की सत्यता नहीं है और ये भ्रामक हैं।
सख्त कार्रवाई और जनता से सतर्कता की अपील
पुलिस ने इन दोनों मामलों में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नोएडा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर भ्रामक या झूठी जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, जनता से आग्रह किया गया है कि किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि जरूर करें।










