BRICS शिखर सम्मेलन का दूसरा दिन महत्वपूर्ण चर्चा का केंद्र
भारत की राजधानी दिल्ली में चल रहे BRICS (ब्रिक्स) शिखर सम्मेलन का दूसरा दिन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दिन दुनिया के कई प्रमुख नेताओं का एक बार फिर से भारत में जमावड़ा होगा। सुबह 10 बजे से शुरू होकर, BRICS के सदस्य देशों और आमंत्रित देशों के राष्ट्राध्यक्ष और शासनाध्यक्ष भारत मंडपम (India Mandiamp) पहुंचेंगे। इसके बाद एक पारिवारिक फोटो खिंचवाने के साथ ही शिखर सम्मेलन का मुख्य सत्र शुरू होगा। इस बार का मुख्य विषय है-‘लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के माध्यम से समावेशी वैश्विक विकास का भविष्य’। इस थीम पर नेता अपने विचार व्यक्त करेंगे। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दक्षिण अफ्रीका समेत अन्य देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय मुलाकातें भी निर्धारित हैं। इस प्रकार, दूसरे दिन भी कूटनीति और वैश्विक मुद्दों पर गहन चर्चा जारी रहेगी।
शिखर सम्मेलन का कार्यक्रम और प्रमुख द्विपक्षीय बैठकें
सुबह 9:55 बजे भारत मंडपम के लेवल 2 पर BRICS के सदस्य देशों और आउटरीच के लिए आमंत्रित नेताओं का आगमन शुरू होगा। इसके बाद, 10:35 बजे, भारत मंडपम में ही एक पारिवारिक फोटो खिंचवाई जाएगी। फिर, 10:50 बजे से ‘बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी: शेपिंग द फ्यूचर फॉर इंक्लूसिव ग्लोबल ग्रोथ’ विषय पर खुला सत्र आयोजित किया जाएगा। इस दौरान नेता अपने विचार साझा करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की द्विपक्षीय बैठकें भी दिनभर चलेंगी। दोपहर 2:30 बजे कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव के साथ मुलाकात होगी। इसके बाद, 3:00 बजे फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर से बातचीत होगी। दोपहर 3:30 बजे मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी से चर्चा होगी। शाम 4:10 बजे दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति मातामेला सिरिल रामाफोसा के साथ बैठक तय है। इसके बाद, 4:40 बजे बुरुंडी के राष्ट्रपति एवरिस्ट नदायिशिमिये, 5:10 बजे नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति काशिम शेट्टिमा और 5:40 बजे युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो के साथ मुलाकातें होंगी।
दुनिया को संदेश और शिखर सम्मेलन की प्रमुख झलक
पहले दिन का आयोजन और गतिविधियां इस बात का संकेत हैं कि BRICS देशों ने वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका मजबूत करने का प्रयास किया है। भारत ने इस सम्मेलन के दौरान अपने नेतृत्व का परिचय देते हुए कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय संबंध मजबूत किए। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ सीमा और द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा हुई, वहीं रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ व्यापार और रणनीतिक साझेदारी पर बातचीत हुई। इस दौरान भारत ने अपनी सांस्कृतिक विरासत का भी प्रदर्शन किया, जिसमें भारत मंडपम में लगाए गए पौधे और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल हैं। साथ ही, नई दिल्ली घोषणा-पत्र में आतंकवाद, वैश्विक संघर्ष, व्यापार और बहुपक्षीय व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर साझा रुख अपनाया गया। यह सम्मेलन भारत की वैश्विक कूटनीति और नेतृत्व क्षमता का प्रमाण है, जो विश्व स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।










