उत्तर भारत में भीषण गर्मी के बीच बिजली और पानी का संकट गहरा
उत्तर प्रदेश सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में तेज गर्मी के कारण बिजली और पानी की आपूर्ति गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है। राजधानी लखनऊ के फैजुल्लागंज क्षेत्र से लेकर मेरठ, गाजियाबाद, कानपुर, गोरखपुर, प्रयागराज, मथुरा और चंदौली जैसे शहरों में लोग लगातार अनियोजित बिजली कटौती और ट्रिपिंग की समस्या से जूझ रहे हैं। वहीं दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में पानी की कमी ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
उत्तर प्रदेश में बिजली और पानी की स्थिति गंभीर
लखनऊ के फैजुल्लागंज इलाके में स्थिति सबसे अधिक खराब बताई जा रही है। यहां रातभर बिजली की आपूर्ति नहीं हो रही है और दिन में कुछ घंटों के लिए ही बिजली मिल पा रही है। बिजली की अनुपस्थिति में पानी की मोटरें भी काम नहीं कर पा रही हैं, जिससे घरों में पानी की किल्लत बढ़ गई है। लोग गर्मी से राहत पाने के लिए हाथ से पंखे चला रहे हैं और महिलाएं किचन में पसीने से तर-बतर होकर खाना बना रही हैं। स्थानीय निवासी पूनम जायसवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की अपील की है।
शहर-शहर में बिजली और पानी की समस्या का विस्तार
मेरठ में भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 24 घंटे बिजली आपूर्ति के आदेश के बावजूद लगातार कटौती जारी है। लोगों का कहना है कि रात में कई घंटों तक बिजली गायब रहती है और बार-बार ट्रिपिंग की समस्या हो रही है। गाजियाबाद में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है, और यहां भी बिजली संकट ने आम जनता की परेशानियों को बढ़ा दिया है। इलाकों जैसे वैशाली, वसुंधरा, खोड़ा, प्रताप विहार, संजय नगर और विजयनगर में घंटों बिजली गुल रहने से लोग पानी और बिजली दोनों की समस्या से जूझ रहे हैं।
कानपुर के 80 फीट रोड इलाके में सुबह से बिजली की कटौती के कारण कारोबार प्रभावित हुआ है। यहां दुकानदार और होटल मालिक हाथ से पंखा झलते नजर आए हैं। गोरखपुर और ग्रामीण इलाकों में भी बिजली की स्थिति खराब है, जहां जर्जर तार और ओवरलोडिंग के कारण बार-बार सप्लाई बाधित हो रही है। चंदौली के ग्रामीण इलाकों में भी 17 से 18 घंटे बिजली मिल रही है, लेकिन ट्रिपिंग और कटौती के कारण गर्मी का सामना करना मुश्किल हो रहा है।
मथुरा और वृंदावन में बिजली कटौती के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। भाजपा पार्षद के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया, जहां अधिकारियों ने समस्या सुनने के बजाय कार्रवाई की धमकी दी। वाराणसी के रेशम कटरा इलाके में बिजली कटौती का असर कारोबार पर पड़ा है। सोने-चांदी की पॉलिश और मशीनें बिजली पर निर्भर हैं, और बार-बार बिजली जाने से काम प्रभावित हो रहा है। प्रयागराज और सहारनपुर में भी बिजली की समस्या से लोग परेशान हैं, जबकि दिल्ली में पानी की समस्या ने सड़कों पर प्रदर्शन कर सरकार को चेतावनी दी है।
दिल्ली के दिलशाद गार्डन और दक्षिणपुरी जैसे इलाकों में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। हरियाणा में भी गर्मी के कारण बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है, और गुरुग्राम में तकनीकी फॉल्ट के कारण घंटों बिजली गुल रहने से रैपिड मेट्रो सेवाएं प्रभावित हुई हैं। राज्य सरकार का दावा है कि बिजली आपूर्ति नियंत्रण में है और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त बिजली खरीदी जा रही है।
उत्तर प्रदेश ने रिकॉर्ड बिजली आपूर्ति का दावा किया
उत्तर प्रदेश सरकार और ऊर्जा विभाग का कहना है कि प्रदेश में अब तक की सबसे अधिक बिजली आपूर्ति हो रही है। 24 मई को प्रदेश में 31,824 मेगावाट की पीक डिमांड पूरी की गई, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा माना जा रहा है। यह आंकड़ा महाराष्ट्र से भी अधिक है, जहां इसी समय 29,463 मेगावाट बिजली सप्लाई हुई। विभाग के अनुसार 24 और 25 मई की रात को भी भारी मात्रा में बिजली की आपूर्ति की गई है। सरकार का दावा है कि शहरों, तहसीलों, नगर पालिकाओं और उद्योगों को 24 घंटे बिजली मिल रही है, और ग्रामीण इलाकों में भी औसतन 22 से 22.5 घंटे बिजली दी जा रही है।
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा है कि उत्तर प्रदेश अब देश का सबसे अधिक बिजली उपलब्ध कराने वाला राज्य बन चुका है। विभाग का यह भी कहना है कि तकनीकी और स्थानीय फॉल्ट को छोड़कर कहीं कोई बड़ी बिजली कटौती नहीं हो रही है।
राजस्थान में पानी और बिजली का संकट जारी
राजस्थान में भीषण गर्मी के बीच कई जिलों में पानी और बिजली की समस्या ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जयपुर, भरतपुर, बाड़मेर, जैसलमेर और चूरू जैसे जिलों में भारी पानी की किल्लत देखी जा रही है। जयपुर में लोग साफ पानी की मांग को लेकर जल भवन का घेराव कर रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में महिलाएं कई किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर हैं, और कई गांवों में लोग टैंकर मंगवाने के लिए 800 रुपये तक दे रहे हैं। बाड़मेर के देरासर गांव में पानी की कमी के कारण कई गायों की मौत हो चुकी है, क्योंकि नहर सूख चुकी है और हैंडपंप ही एकमात्र सहारा हैं।










