देशभर में बकरीद की तैयारियां जोरों पर
देश के विभिन्न राज्यों में बकरीद का त्योहार 28 मई को मनाने की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों की बकरा मंडियां सज चुकी हैं। लखनऊ से लेकर मुंबई, दिल्ली और झांसी तक के बाजारों में विभिन्न नस्लों के बकरे आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इन बकरों की कीमतें 20 हजार रुपये से शुरू होकर 11 लाख रुपये प्रति जोड़े तक पहुंच गई हैं, जो त्योहार की महत्ता और बाजार की विविधता को दर्शाता है।
बकरी मंडियों में बकरों की विविधता और कीमतें
लखनऊ की IIM रोड स्थित बकरा मंडी में बरबरी, तोतापरी, अजमेरी, जमुनापारी, पंजाबी और देशी नस्ल के बकरे बिक्री के लिए आए हैं। सुबह से ही आसपास के जिलों से खरीदार अच्छी नस्ल के बकरों की तलाश में मंडी पहुंच रहे हैं। व्यापारी मोहम्मद सैफ के अनुसार बरबरी नस्ल का एक जोड़ा 11 लाख रुपये तक बिक रहा है, जबकि पंजाबी नस्ल के बकरे 6 लाख रुपये प्रति जोड़े तक पहुंच रहे हैं। मंडी में टेंट, पानी और कूलर जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। इन बकरों की डाइट में ड्राई फ्रूट, देसी घी, चना, गुड़ और फल शामिल हैं। इन बकरों का वजन एक कुंतल से अधिक है, जिसमें बरबरी नस्ल का बकरा लगभग 130 किलो का है, जबकि अन्य नस्लें भी 100 किलो से ऊपर हैं।
देशभर की प्रमुख बकरी मंडियों में उत्साह और प्रतिस्पर्धा
मुरादाबाद, उन्नाव और आसपास के इलाकों से व्यापारी बड़ी संख्या में बकरीद के लिए बकरों की खरीदारी कर रहे हैं। उन्नाव से आए कमलेश कुमार ने जोगी दुंबा नस्ल के बकरे लाए हैं, जिनकी कीमत 1 लाख 30 हजार रुपये है। वहीं, गुलाब सिंह ने तोतापरी नस्ल का बकरा 1.20 लाख रुपये में बिक्री के लिए रखा है। झांसी से आए 125 किलो वजन का बकरा भी चर्चा में है, जिसकी कीमत 3.5 लाख रुपये तय की गई है। इसके मालिक का कहना है कि भारी शरीर और खास नस्ल के कारण यह बकरा आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इसके अलावा, एक छोटा और सुंदर बकरा 45 हजार रुपये में बिक रहा है, जबकि एक अनोखी दोनों सींगों वाला बकरा 75 हजार रुपये में चर्चा में है।
मुंबई की देवनार मंडी इस समय देश की सबसे बड़ी बकरी मंडियों में से एक है, जहां लगभग 9 लाख जानवर पहुंच चुके हैं। राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और कश्मीर से आए बकरे यहां बिक रहे हैं, जिनकी कीमतें 45 हजार से 3 लाख रुपये के बीच हैं। सबसे अधिक बिक्री 30 हजार से 1 लाख रुपये के बीच हो रही है। मुंबई प्रशासन ने सख्त गाइडलाइंस भी जारी की हैं, जिसमें 109 स्थानों पर ही कुर्बानी की अनुमति दी गई है। ऑनलाइन अनुमति अनिवार्य है और देवनार बूचड़खाने में ही बड़े जानवरों की कुर्बानी की अनुमति है। वहीं, दिल्ली के जाफराबाद मंडी में भी कीमतों में वृद्धि देखी जा रही है, जहां सामान्य बकरे 15 हजार से 50 हजार रुपये तक बिक रहे हैं। कुछ आरोप भी लगाए गए हैं, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
भोपाल में ‘शेरा’ नाम का बकरा 1.10 लाख रुपये में चर्चा का विषय बना हुआ है, जो राजस्थान और जयपुर से आया है। प्रयागराज की करेली मंडी में 12 हजार से 3 लाख रुपये तक के बकरे उपलब्ध हैं, जिनमें 60 हजार रुपये का ‘सिकंदर’ सबसे अधिक चर्चा में है। पटना के जगदेव पथ बाजार में ‘सलमान’ और ‘सुल्तान’ नाम के बकरे खास आकर्षण हैं, जिनकी कीमतें क्रमशः 2 लाख 40 हजार और 1 लाख 80 हजार रुपये हैं। इन बकरों को मऊ और आरा से लाया गया है। बाजार में अधिकतर खरीदार 15 से 40 हजार रुपये के बजट में बकरा तलाश रहे हैं। कुल मिलाकर, देशभर की बकरी मंडियां त्योहार की उमंग और प्रतिस्पर्धा से भरी हुई हैं, जहां भारी और आकर्षक बकरे दोनों ही लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।










