दिल्ली के कनॉट प्लेस में प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा पर नई बहस
दिल्ली के कनॉट प्लेस में हाल ही में हुई प्रदर्शन के दौरान हुई मारपीट का मामला फिर से चर्चा का विषय बन गया है। इस बार यह मामला उस समय सुर्खियों में आया जब जेल से रिहा हुए रविंदर उर्फ गोविंद हिंदू का हिंदू रक्षा दल के सदस्यों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दिख रहा है कि रविंदर का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया, जिससे इस घटना को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। रविंदर ने अपने बयान में कहा है कि उन्होंने किसी पर हमला करने का प्रयास नहीं किया था, बल्कि अपने और साथियों के बचाव में ऐसा कदम उठाया। वहीं, वायरल वीडियो में प्रदर्शनकारियों के साथ हुई मारपीट का दृश्य भी सामने आया है, जिसके बाद पुलिस ने चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।
रिहाई के बाद रविंदर का समर्थन और गिरफ्तारी
रविंदर की रिहाई के बाद हिंदू रक्षा दल के सदस्यों ने उनका जोरदार स्वागत किया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि उन्हें फूल-मालाएं पहनाई गईं। पुलिस ने इस मामले में रविंदर सिंह उर्फ गोविंद हिंदू के साथ ही रमन सैनी, विवेकानंद उर्फ विवेक और कपिल कुमार को भी गिरफ्तार किया था। पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए आरोपियों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया। इस घटना के संदर्भ में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
रविंदर की कहानी और घटना का पक्ष
आज तक से बातचीत में रविंदर ने अपने दृष्टिकोण को स्पष्ट किया। उनका कहना है कि वह अपने साथियों के साथ झंडेवालान मंदिर जा रहे थे, तभी प्रदर्शन कर रहे लोगों ने उनकी कार को घेर लिया। रविंदर का दावा है कि उनकी कार पर भगवा झंडा लगा था, जिस पर ‘जय श्री राम’ लिखा हुआ था, और इसी वजह से उन्हें घेरा गया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने कार पर लातें मारीं और गाली-गलौज की। रविंदर का आरोप है कि यदि वे कार से बाहर निकलते तो उनके साथ गंभीर मारपीट हो सकती थी, इसलिए उन्होंने पुलिस को मौके पर देखकर ही बाहर आने का फैसला किया। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो घटना का सही संदर्भ नहीं दिखाता, और उनके पास एक अन्य वीडियो भी है जिसमें कार पर लात मारने का दृश्य स्पष्ट है।










