श्योपुर में 12 वर्षीय बच्चे का टंकी पर चढ़ना और पुलिस की सूझबूझ
महाराष्ट्र के संभाजी नगर में आईफोन को लेकर एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत की खबर अभी भी लोगों के मन में ताजा थी कि श्योपुर में भी एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। यहां बड़े भाई ने अपने 12 वर्षीय छोटे भाई से मोबाइल छीनकर उसे स्कूल जाने को कहा, तो बच्चे ने नाराज होकर 60 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ने का कदम उठाया। करीब डेढ़ घंटे तक वह टंकी की मुंडेर पर जिद से बैठा रहा, जिससे परिवार और स्थानीय लोग चिंतित हो उठे।
बच्चे का टंकी पर बैठना और पुलिस का समझदारी भरा प्रयास
जब बच्चे की इस हरकत को देखकर परिजन और पुलिस वाले घबरा गए, तो उन्होंने उसे नीचे बुलाने का प्रयास किया। पर बच्चे ने अपनी जिद पर अड़ा रहा। अंततः मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने सूझबूझ और धैर्य से काम लिया। पुलिस ने बच्चे से शांतिपूर्वक बातचीत शुरू की और उसे भरोसा दिलाया कि नीचे आने पर उसे कोई डांट नहीं मिलेगी। पुलिस की समझदारी और परिजनों की कोशिश से बच्चा सुरक्षित नीचे उतर आया।
स्क्रीन एडिक्शन और बच्चों की मानसिक स्थिति पर विशेषज्ञों की राय
यह घटना केवल एक बच्चे के गुस्से का मामला नहीं है, बल्कि यह आज के बच्चों में स्क्रीन एडिक्शन की गंभीर समस्या का संकेत भी है। मनोवैज्ञानिकों के अनुसार घंटों मोबाइल पर गेमिंग और रील्स देखने से बच्चों के दिमाग में डोपामाइन का स्तर तेजी से बदलता है, जिससे उनकी मानसिक स्थिति प्रभावित हो सकती है। जब मोबाइल छीन लिया जाता है, तो बच्चे अत्यधिक आक्रामक हो सकते हैं। इस तरह की घटनाएं बच्चों की मानसिक स्वास्थ्य की ओर ध्यान देने की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं।











