कृषि क्षेत्र में एथेनॉल का महत्व और किसानों का समर्थन
वर्तमान में जहां एक ओर देशभर में एथेनॉल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से मुलाकात कर इस ईंधन के समर्थन में अपनी बात रखी है। किसानों का मानना है कि एथेनॉल से उनकी आमदनी में वृद्धि होगी और देश की ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत बनेगी। शिवराज सिंह चौहान से हुई बैठक में किसानों ने कहा कि यह नई खेती का अवसर है, जो किसानों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति (AIKCC) ने भी कहा कि हमें एथेनॉल को लेकर फैले गलत धारणा को दूर करने के लिए सरकार और किसान मिलकर काम करना चाहिए। विभिन्न राज्यों से आए किसान नेताओं ने केंद्रीय मंत्री से कहा कि पेट्रोल नहीं, बल्कि खेत से निकला हुआ एथेनॉल ही देश का भविष्य है।
कृषि नीति में बदलाव और किसानों का समर्थन
मंगलवार को दिल्ली के कृषि भवन में हुई बैठक में, जहां आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अरविंद केजरीवाल ने एथेनॉल के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए प्रधानमंत्री आवास तक मार्च करने का प्रयास किया, वहीं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसान संगठनों से मुलाकात की। इस बैठक में किसानों ने स्पष्ट किया कि वे एथेनॉल के पक्ष में हैं, बशर्ते कि इसकी नीति किसान केंद्रित हो और फसल का उचित मूल्य सीधे किसानों तक पहुंचे। शिवराज सिंह चौहान ने किसानों की बात ध्यान से सुनी और भरोसा दिलाया कि सरकार उनके सुझावों को गंभीरता से लेगी। उन्होंने कहा कि किसान हमारे लिए भगवान के समान हैं और उनके लिए कृषि भवन के द्वार सदैव खुले हैं।
एथेनॉल से किसानों को नई बाजार की संभावना
बैठक में किसानों ने अपना रुख स्पष्ट किया कि एथेनॉल का उत्पादन केवल मंडी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह पेट्रोल पंप और ऊर्जा बाजार तक पहुंचेगा। इससे किसानों को गन्ना, मक्का, चावल जैसी फसलों के लिए अधिक खरीदार मिलेंगे और फसल के खराब होने या भंडारण की समस्या कम होगी। किसानों ने जोर देकर कहा कि वे एथेनॉल का समर्थन करते हैं, बस यह सुनिश्चित किया जाए कि फसलों का सही मूल्य मिले। किसान नेताओं ने यह भी कहा कि एथेनॉल नीति खेती के लिए नए रास्ते खोल सकती है, यदि इसे सही तरीके से लागू किया जाए। सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफार्म पर फैले भ्रम को दूर करने के लिए किसानों ने सुझाव दिया कि सरकार और किसान संगठन मिलकर सही जानकारी फैलाएं। युवा पीढ़ी तक पहुंचने के लिए रील, वीडियो और जमीनी सभाओं का सहारा लिया जाना चाहिए।











