दिल्ली के द्वारका में सड़क हादसे का खुलासा: नाबालिग चालक की भूमिका
नई दिल्ली के द्वारका क्षेत्र में हुई भीषण सड़क दुर्घटना ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया है। इस हादसे में साहिल धनेशरा की मौत हो गई, और पुलिस ने सबूतों के आधार पर स्पष्ट किया है कि कार चलाने वाला व्यक्ति नाबालिग है। हालांकि, जांच के दौरान कई ऐसे मोड़ सामने आए हैं जो इस घटना की गंभीरता और पीड़ित परिवार की संदिग्ध भूमिका की ओर संकेत कर रहे हैं।
आरोपी की उम्र और परिवार का दावा
प्रारंभिक रिपोर्ट में आरोपी की उम्र 19 वर्ष दर्ज की गई थी, लेकिन पुलिस ने जांच के बाद पुष्टि की है कि वह केवल 17 साल का नाबालिग है। आरोपी ने मौके पर घबराहट में अपनी उम्र को लेकर झूठ बोला था। घटना के समय आरोपी की बहन कार में थी और वीडियो बना रही थी। पुलिस के अनुसार, यह वीडियो सामान्य चलती कार का है, जिसमें आरोपी नहीं दिख रहा है, लेकिन इसे जांच में शामिल किया गया है। आरोपी 10वीं का छात्र है, इसलिए जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (JJB) ने उसे बोर्ड परीक्षा देने के लिए 10 फरवरी को अंतरिम जमानत भी दी है।
घटना के पीछे की सच्चाई और परिवार का आरोप
घटना के चश्मदीदों का कहना है कि हादसे के तुरंत बाद आरोपी के परिवार ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। आरोपी का बड़ा भाई मौके पर पहुंचा और अपना लाइसेंस दिखाकर दावा किया कि गाड़ी वह चला रहा था। लेकिन पुलिस की सख्ती और पूछताछ के बाद परिवार ने आखिरकार स्वीकार किया कि गाड़ी नाबालिग भाई ही चला रहा था। टक्कर इतनी भीषण थी कि मलबा 70 मीटर तक फैल गया और साहिल की बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस ने द्वारका साउथ थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जिसमें लापरवाही और तेज रफ्तार से गाड़ी चलाने, मौत का कारण बनने और दूसरों की जान खतरे में डालने के आरोप हैं।











