दिल्ली में महिलाओं के मुफ्त बस सफर में बड़ा बदलाव
दिल्ली सरकार ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा में महत्वपूर्ण परिवर्तन किया है। अब से ‘पिंक टिकट’ सेवा पूरी तरह समाप्त कर दी जाएगी और महिलाओं को ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ का उपयोग करना अनिवार्य होगा। मार्च महीने से अब तक लगभग छह लाख महिलाओं ने यह स्मार्ट कार्ड बनवाया है, लेकिन अभी तक इसका उपयोग अपेक्षाकृत कम ही हो रहा है।
स्मार्ट कार्ड का उपयोग क्यों कम है और इसकी वर्तमान स्थिति
मार्च से अब तक करीब छह लाख महिलाओं ने दिल्ली के विभिन्न 58 केंद्रों से यह स्मार्ट कार्ड प्राप्त किया है। हालांकि, अभी भी अधिकांश महिलाएं ‘पिंक टिकट’ पर ही निर्भर हैं और बसों में यात्रा के दौरान कार्ड का कम ही प्रयोग कर रही हैं। दिल्ली में रोजाना करीब दस लाख महिलाएं डीटीसी (Delhi Transport Corporation) और क्लस्टर बसों में यात्रा करती हैं, जिनमें से केवल पांच से छह प्रतिशत महिलाएं ही अपने स्मार्ट कार्ड का उपयोग कर रही हैं।
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, अधिकतर महिलाएं अभी भी पुराने सिस्टम पर ही भरोसा कर रही हैं क्योंकि कार्ड के साथ-साथ पुरानी व्यवस्था भी चल रही है। लेकिन जल्द ही डिजिटल प्रणाली को अपनाने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। फिलहाल गर्मी के मौसम के कारण सख्ती नहीं की गई है, लेकिन आने वाले हफ्तों में बसों और डिपो पर इस संबंध में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
स्मार्ट कार्ड कैसे प्राप्त करें और किन शर्तों का पालन जरूरी है?
यह ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ केवल दिल्ली में रहने वाली महिलाओं के लिए ही उपलब्ध है। इसे बनवाने के लिए महिलाओं के पास दिल्ली का आधार कार्ड होना आवश्यक है, साथ ही आधार से लिंक एक सक्रिय मोबाइल नंबर भी जरूरी है। 12 वर्ष या उससे अधिक उम्र की कोई भी महिला इस कार्ड के लिए आवेदन कर सकती है।
यह कार्ड प्राप्त करने के लिए आप निम्न स्थानों पर जा सकते हैं:
- डीटीसी डिपो या पास सेक्शन
- एसडीएम कार्यालय
- 50 से अधिक विशेष केंद्र
परिवहन विभाग का मानना है कि स्मार्ट कार्ड प्रणाली से गलत इस्तेमाल को रोका जा सकेगा, साथ ही यात्रियों का सही डेटा भी प्राप्त होगा। इससे सरकार को यह समझने में मदद मिलेगी कि कौन से रूट पर कितनी महिलाएं यात्रा कर रही हैं। उल्लेखनीय है कि दिल्ली सरकार ने इस मुफ्त यात्रा योजना के लिए 2026-27 के बजट में 450 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
आगामी दिनों में डीटीसी बसों में एक सर्वे भी किया जाएगा, जिसमें यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि महिलाएं पिंक कार्ड के बजाय पुरानी टिकट क्यों चुन रही हैं। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि कंडक्टर महिलाएं को कार्ड टैप करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं या नहीं।











