दिल्ली में स्वच्छ पेयजल योजना का व्यापक विस्तार
दिल्ली सरकार राजधानी के निवासियों को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक महत्वाकांक्षी योजना पर कार्य कर रही है, जिसमें लगभग 50 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इस योजना के तहत पुरानी और जर्जर पाइप लाइनों को बदलने का काम शुरू हो चुका है, विशेष रूप से चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (Chandravala Water Treatment Plant) से जुड़े इलाकों में। अब तक नौ विधानसभा क्षेत्रों में पाइपलाइन परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
पाइपलाइन सुधार और जल संकट का समाधान
दिल्ली में लगभग 16,000 किलोमीटर लंबी पेयजल पाइपलाइन मौजूद है, जिनमें से 95 प्रतिशत को बदलने की आवश्यकता है। सरकार का लक्ष्य है कि मौजूदा पाइप लाइनों में से 30 प्रतिशत को वर्ष 2024 तक बदल दिया जाए, और अगले डेढ़ साल में पूरे शहर की पाइपलाइन का नवीनीकरण कर लिया जाए। इस दिशा में टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, और अगले दस वर्षों में पूरी पाइपलाइन का पुनर्निर्माण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
गंदे पानी से हो रही परेशानियों का समाधान
जर्जर पाइपलाइन और पुरानी ढांचों के कारण दिल्ली में लाखों लोग गंदे पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। जलमंत्री प्रवेश वर्मा का कहना है कि यह समस्या कई दशकों से बनी हुई है, और सरकार ने इस पर ध्यान देना शुरू कर दिया है। वर्तमान में लगभग 95 प्रतिशत पाइपलाइन को बदलने की योजना है, जिसकी शुरुआत चंद्रावल और वजीराबाद जल सुधार परियोजनाओं से हो चुकी है। इन परियोजनाओं में देरी के कारण पहले कई साल तक कार्य बाधित रहा, लेकिन अब नई सरकार ने 11 महीनों में 7,212 करोड़ रुपये के 94 बड़े प्रोजेक्ट मंजूर कर जल संकट को दूर करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।











