भोपाल मेट्रो की शुरुआत में यात्रियों की भारी कमी
भोपाल (Bhopal) में राजधानी बनने के बाद से ही मेट्रो ट्रेन सेवा का शुभारंभ उम्मीदों के साथ हुआ था, लेकिन शुरुआती दिनों में ही यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट देखने को मिली है। इस स्थिति को देखते हुए मेट्रो प्रबंधन को अपने शेड्यूल में बदलाव करना पड़ा है। अब यह मेट्रो सुबह की बजाय दोपहर 12 बजे से चलने लगेगी, जो 5 जनवरी से लागू होगी।
20 दिसंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भोपाल मेट्रो का उद्घाटन किया था, जिसके बाद 21 दिसंबर से आम जनता के लिए इसका पहला व्यावसायिक संचालन शुरू हुआ। हालांकि, शुरुआत में ही यात्रियों की संख्या अपेक्षा से कम रही, जिससे मेट्रो का संचालन खाली-खाली नजर आने लगा।
यात्रियों की घटती संख्या और समय में बदलाव
शुरुआती उत्साह के बावजूद, 21 दिसंबर को टिकट बिक्री लगभग 2.5 लाख रुपये तक पहुंची थी, लेकिन अगले दिन यह घटकर केवल 89 हजार रुपये रह गई। इसके बाद से ही यात्रियों की संख्या निरंतर कम होती गई, जिससे सुबह के समय मेट्रो ट्रेनें लगभग खाली चलने लगीं। इस गिरावट को देखते हुए मेट्रो प्रबंधन ने अपने शेड्यूल में बड़ा बदलाव किया है।
प्रबंधन ने तय किया है कि अब भोपाल मेट्रो 5 जनवरी से दोपहर 12 बजे AIIMS (All India Institute of Medical Sciences) स्टेशन से रवाना होगी। यह ट्रेन अलकापुरी, डीआरएम ऑफिस, रानी कमलापति, एमपी नगर, बोर्ड ऑफिस चौराहा और केंद्रीय विद्यालय होते हुए सुभाष नगर पर समाप्त होगी।
नई समय-सारणी और ट्रिप की संख्या में कटौती
मेट्रो के PRO अरविंद सोनी ने बताया कि यात्रियों की संख्या में लगातार गिरावट हो रही है, खासकर सुबह के समय यात्रियों की संख्या बहुत कम है। इसी कारण, मेट्रो प्रबंधन ने अपने ट्रिप की संख्या भी घटाने का निर्णय लिया है। पहले 17 ट्रिप की योजना थी, जिसे अब घटाकर 13 ट्रिप कर दिया गया है।
मेट्रो अधिकारियों का मानना है कि दोपहर के समय यात्रियों की संभावित संख्या को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव जरूरी था। हालांकि, इस निर्णय और भोपाल की जमीनी हकीकत के बीच अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या भोपाल वासी अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए मेट्रो को अपनाएंगे या नहीं।










