दिल्ली विधानसभा में सिख गुरुओं के सम्मान पर विवाद और पुलिस कार्रवाई
दिल्ली विधानसभा में सिख गुरुओं के सम्मान से जुड़े एक सत्र के दौरान हुई कथित अपमानजनक टिप्पणी को लेकर विवाद गहरा गया है। इस मामले में अब पंजाब पुलिस ने जालंधर में एक प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। यह एफआईआर सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक कथित एडिटेड और डॉक्टर्ड वीडियो को लेकर दर्ज की गई है, जिसमें आरोप है कि आतिशी मार्लेना (Aatishi Marlena) ने सिख गुरुओं का अपमान किया।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और जांच का मामला
यह विवाद 6 जनवरी 2026 को शुरू हुआ, जब सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो क्लिपें वायरल हुईं। इन वीडियो में दावा किया गया कि दिल्ली विधानसभा में सिख गुरुओं के सम्मान में आयोजित सत्र के दौरान आतिशी ने आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया। इन वीडियो का आधार बनाकर भाजपा नेता कपिल मिश्रा (Kapil Mishra) ने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि आतिशी ने गुरु तेग बहादुर जी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की। इस पोस्ट के साथ ही यह सवाल भी उठाया गया कि क्या ऐसी व्यक्ति को विधानसभा जैसे पवित्र स्थान में रहने का अधिकार है।
राजनीतिक और कानूनी प्रतिक्रिया
पंजाब सरकार ने इस पूरे मामले की वैज्ञानिक जांच कराई है। सरकार का दावा है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट में पाया गया कि वीडियो एडिटेड और डॉक्टर्ड था, जिसमें आतिशी द्वारा ‘गुरु’ शब्द का उच्चारण भी नहीं किया गया। सरकार का कहना है कि जानबूझकर ऐसे कैप्शन जोड़े गए ताकि धार्मिक भावनाओं को भड़काया जा सके और राजनीतिक लाभ प्राप्त किया जा सके। इस आधार पर पंजाब पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
वहीं, इस विवाद पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आरोप लगाया कि वीडियो को गलत तरीके से पेश किया गया है, जबकि कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा ने आतिशी के खिलाफ एफआईआर की मांग की। भाजपा नेताओं ने भी इस मुद्दे को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। इस पूरे विवाद में जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि जिम्मेदारी किसकी बनती है।










