दिल्ली में सोशल मीडिया पर अफवाहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
दिल्ली में हाल ही में हुए प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरों को लेकर पुलिस ने सख्त कदम उठाए हैं। इस संदर्भ में पुलिस ने चेतावनी दी है कि ऐसी फर्जी और गलत जानकारी फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान में, सोशल मीडिया पर ऐसी पोस्टों की निगरानी तेज कर दी गई है, जिनमें झूठे दावे या भड़काऊ सामग्री शामिल हो सकती है।
फर्जी वीडियो और भ्रामक पोस्टों पर पुलिस की कार्रवाई
कुछ समय पहले, पुलिस ने AI टूल की मदद से बनाए गए एक फर्जी वीडियो के मामले में एक 24 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया था। इस वीडियो में एक पुलिसकर्मी को महिला पत्रकार के साथ अनुचित हरकत करते दिखाया गया था, जिसे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान का बताया गया था। पुलिस का कहना है कि इस वीडियो को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है। इस मामले की जांच महिला पत्रकारों पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों से अलग की जा रही है, और दोनों मामलों की स्वतंत्र रूप से जांच की जा रही है।
सोशल मीडिया पर निगरानी और भविष्य की कार्रवाई
प्रशासन ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X (Twitter) से संपर्क कर प्रदर्शन से जुड़ी भ्रामक पोस्टों को हटाने का अनुरोध किया है। पुलिस की निगरानी में ऐसी सामग्री पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिसमें पुराने वीडियो का गलत उपयोग, झूठे दावे या लोगों को भड़काने की कोशिश की जा रही हो। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गलत जानकारी के प्रसार को रोकना और कानून व्यवस्था बनाए रखना है। अभी तक करीब 300 सोशल मीडिया पोस्टों को हटा दिया गया है। दिल्ली पुलिस ऐसी भ्रामक या उकसाने वाली सामग्री पर नजर रख रही है, ताकि किसी भी तरह की अफवाह या गलतफहमी फैलने से पहले ही रोकथाम की जा सके।










