खंडवा में आवारा कुत्तों की समस्या और जनसुनवाई का विवाद
मध्य प्रदेश के खंडवा शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और उनके कारण हो रही घटनाओं ने प्रशासन और जनता के बीच तनाव पैदा कर दिया है। नगर निगम द्वारा इन आवारा कुत्तों को नियंत्रित करने के लिए किए गए बधियाकरण और वैक्सीनेशन के बावजूद, समस्या जस की तस बनी हुई है। इस स्थिति में जनसुनवाई के दौरान एक अनूठा मामला सामने आया, जिसने पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया।
डॉगी बनकर पहुंचने वाले नेता का विवादित कदम
नगर निगम में विपक्षी नेता दीपक मुल्लू राठौर ने आवारा कुत्तों की समस्या को उजागर करने के लिए एक अलग ही तरीका अपनाया। उन्होंने जनसुनवाई में खुद को डॉगी का रूप धारण कर पहुंचा, ताकि जनता और प्रशासन के सामने इस मुद्दे की गंभीरता को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सके। इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर धमाकेदार तरीके से वायरल हो गया, जिससे मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया।
आवारा कुत्तों की संख्या और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल
पिछले चार वर्षों में खंडवा में डॉग बाइट के 13225 मामले दर्ज हो चुके हैं, और नगर निगम इन आवारा कुत्तों को नियंत्रित करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर चुका है। बावजूद इसके, समस्या जस की तस बनी हुई है। जनवरी से जुलाई तक ही सात महीनों में 2463 लोग डॉग बाइट का शिकार हो चुके हैं। नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए, नेता ने कहा कि अभी तक कुत्तों की सही संख्या का भी पता नहीं है और बधियाकरण का टेंडर भी नहीं निकला है।









