मध्य प्रदेश के लेपा हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता
मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध और जघन्य लेपा हत्याकांड में पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। इस जघन्य अपराध के बाद से फरार चल रहे 30 हजार रुपये के इनामी आरोपी रामू सिंह तोमर को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को हरियाणा (Haryana) के गुरुग्राम (Gurgaon) से पकड़ लिया। इस मामले में आरोपी ने वर्षों तक अपनी असली पहचान छुपाकर अलग-अलग राज्यों में छिपकर रहना जारी रखा था, जिसमें उसने छह परिवार के सदस्यों की निर्मम हत्या की थी।
गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई, आरोपी को गुरुग्राम से दबोचा
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच को विशेष इनपुट मिला था कि लेपा हत्याकांड का फरार इनामी आरोपी गुरुग्राम के गोपालपुर GIDC क्षेत्र में स्थित एक वेयरहाउस में काम कर रहा है। इस सूचना के बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने हरियाणा के गुरुग्राम में गढ़ी-हरसरू रोड के पास निगरानी बढ़ाई और घेराबंदी कर आरोपी रामुसिंह तोमर को गिरफ्तार कर लिया। डीसीपी अजीत राजयन ने पुष्टि करते हुए बताया कि पूछताछ में पता चला है कि घटना के बाद से आरोपी ने अपनी पहचान बदल-बदलकर महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और हरियाणा जैसे राज्यों में छिपकर रह रहा था।
लेपा हत्याकांड का इतिहास और आरोपी की गिरफ्तारी का महत्व
यह सनसनीखेज हत्याकांड 2013 के भूमि विवाद से जुड़ा है, जिसमें मुरैना जिले के लेपा गांव में दो परिवारों के बीच पुरानी रंजिश चल रही थी। इस विवाद में आरोपी रामू सिंह तोमर के चाचा और बड़े चाचा की हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने दोनों पक्षों के बीच दुश्मनी को और भड़का दिया। 5 मई 2023 को जब रणजीतसिंह तोमर के परिवार में बेटी की शादी का आयोजन था, उसी दौरान पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलीबारी की, जिसमें छह सदस्यों की दर्दनाक मौत हो गई।
इस जघन्य हत्याकांड के बाद पुलिस ने 9 नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी का गठन किया। इनाम घोषित होने के बावजूद आरोपी रामू सिंह तोमर वर्षों तक फरार रहा। अब उसकी गिरफ्तारी से इस हाई-प्रोफाइल केस में अन्य फरार आरोपियों और साजिश के कई अहम राज सामने आने की उम्मीद है।










