गुरुग्राम में जलभराव की समस्या पर नगर निगम की सख्त कार्रवाई
गुरुग्राम में हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी, जिससे स्थानीय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। नगर निगम ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए तुरंत ही प्रभावी कदम उठाए हैं। विशेष रूप से ओल्ड डीएलएफ और सेक्टर 17-C जैसे इलाकों में 24 घंटे से अधिक समय तक पानी नहीं निकलने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है।
जल निकासी व्यवस्था में लापरवाही पर कार्रवाई और जिम्मेदारियों का निर्धारण
नगर निगम के अनुसार, इन क्षेत्रों में जल निकासी की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की थी, लेकिन बारिश के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। जलभराव की समस्या का निरीक्षण करने के बाद, कमिश्नर प्रदीप दहिया ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई का आदेश दिया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि जल निकासी के लिए तैनात जूनियर इंजीनियर सुमित चहल ने अपने दायित्वों का सही ढंग से पालन नहीं किया, जिसके कारण जलभराव की स्थिति बनी रही। इस लापरवाही के चलते उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
ठेकेदार पर जुर्माना और भुगतान रोकने का निर्णय
इसके साथ ही, बारिश के दौरान जल निकासी के लिए जिम्मेदार ठेकेदार की भूमिका भी जांच में सामने आई। ठेकेदार ने समय पर मोटर और पंप नहीं चलाए, जिससे जल निकासी प्रभावित हुई। इस लापरवाही के मद्देनजर, नगर निगम ने ठेकेदार पर 10 प्रतिशत का जुर्माना लगाया है और उसकी लंबित भुगतान भी रोक दी है। साथ ही, ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। यह कदम जल निकासी व्यवस्था में सुधार और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए हैं।











