दिल्ली जल मंत्री ने शिकायतों के निपटारे में की कार्रवाई
दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने गुरुवार को शिकायतों के समाधान में हुई देरी और लापरवाही को लेकर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। इसके साथ ही कन्हैया नगर के असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को भी निलंबित किया गया है।
यह कदम उन शिकायतों के बाद लिया गया, जिनमें इन इलाकों में शिकायतों के समाधान में अनियमितता और देरी की बात सामने आई थी। मंत्री ने दिल्ली जल बोर्ड के इन जोनों का अचानक निरीक्षण किया, जिसमें अटेंडेंस रजिस्टर, शिकायत रजिस्टर और कार्यप्रणाली में कई प्रशासनिक खामियां पाई गईं।
तत्काल नई नियुक्तियों का आदेश जारी
निरीक्षण के बाद मंत्री ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया और प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत नए अधिकारियों की तैनाती का आदेश भी दिया। इससे पहले पिछले महीने, प्रवेश वर्मा ने कहा था कि दिल्ली सरकार पिछली आम आदमी पार्टी सरकार के दौरान छोड़ी गई नागरिक और पर्यावरण संबंधी समस्याओं से निपट रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि राजधानी की समस्याएं रातोंरात नहीं बनी हैं, बल्कि ये पिछले 11 वर्षों में सरकार की उपेक्षा का परिणाम हैं। वर्मा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस दौरान कई महत्वपूर्ण नागरिक और पर्यावरण से जुड़े कार्य पूरे होने चाहिए थे, जैसे कचरे का निपटान, फुटपाथ और पार्कों की मरम्मत, ई-कचरा प्रबंधन, यमुना नदी की सफाई, नालों की देखरेख, सीवेज और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, प्लास्टिक कचरा प्रबंधन, सड़कों की सफाई और इलेक्ट्रिक वाहन नीति का कार्यान्वयन।
पिछले 11 वर्षों में कोई महत्वपूर्ण प्रगति नहीं
वर्मा ने कहा कि इन सभी कार्यों को पिछले 11 वर्षों में पूरा किया जाना चाहिए था, लेकिन आधे भी पूरे हो जाते तो सरकार को बाकी कामों पर ध्यान देना पड़ता। उन्होंने यह भी बताया कि मौजूदा दिल्ली सरकार का गठन 20 फरवरी 2025 को हुआ था, और उसके तुरंत बाद से ही मुख्यमंत्री, मंत्री और अधिकारी जमीनी स्तर पर नागरिक समस्याओं के समाधान में जुट गए हैं।









