दिल्ली में हिंसा के दौरान सोशल मीडिया पर फैलाए गए झूठे प्रचार पर कार्रवाई
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और उपद्रव के मामले में दिल्ली पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस ने विश्व की प्रमुख सोशल मीडिया कंपनियों- फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) को नोटिस जारी किया है।
इन नोटिसों में आरोप लगाया गया है कि इन प्लेटफार्मों पर झूठी और भ्रामक जानकारियों का प्रसार किया गया है। साथ ही यह भी आरोप है कि इन सोशल मीडिया साइट्स ने फर्जी पोस्ट और वीडियो साझा कर देश का माहौल खराब करने का प्रयास किया।
सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें और भ्रामक कंटेंट का प्रसार
दिल्ली पुलिस के अनुसार, CJP आंदोलन और हिंसा के दौरान इन प्लेटफार्मों पर हजारों की संख्या में फर्जी पोस्ट, संपादित तस्वीरें और डीपफेक वीडियो अपलोड किए गए थे। इन भ्रामक सामग्री के माध्यम से लोगों को भड़काने और गलतफहमी फैलाने का प्रयास किया गया।
पुलिस ने पाया कि कई सोशल मीडिया न्यूज पोर्टल्स और विभिन्न हैंडल्स ने बिना जांच के ऐसी खबरें और वीडियो शेयर किए। इस संदर्भ में दिल्ली पुलिस की विशेष सेल की IFSO यूनिट ने संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू की है।
संबंधित कार्रवाई और सोशल मीडिया कंपनियों को नोटिस
पुलिस ने फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स और यूट्यूब को नोटिस भेजकर इन विवादित खातों, पोस्ट्स और वीडियो को तुरंत हटाने का निर्देश दिया है। पुलिस का कहना है कि उन्हें लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहें देश की शांति और सुरक्षा के लिए खतरा बन रही हैं।
आम जनता से प्राप्त रिपोर्ट्स के आधार पर संदिग्ध खातों और लिंक को चिन्हित किया जा रहा है। इन डेटा के आधार पर सोशल मीडिया कंपनियों को नोटिस भेजे जा रहे हैं ताकि तुरंत ही भ्रामक कंटेंट हटाया जा सके और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके।











