दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति ने आम आदमी पार्टी पर आरोप लगाए
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के अध्यक्ष ने आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान समर्थकों ने जानबूझकर गुरुद्वारे के परिसर में जबरदस्ती प्रवेश किया और वहां अफरा-तफरी का माहौल बनाया। इस घटना का उद्देश्य राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास माना जा रहा है।
अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि इन समर्थकों ने गुरुद्वारे की पवित्रता का उल्लंघन किया और धार्मिक स्थल का राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश की। गुरुद्वारा प्रबंधन और सेवादारों ने शांति बनाए रखने के लिए हस्तक्षेप किया, लेकिन समर्थकों ने इस प्रयास को बाधित किया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी उन्होंने पुलिस को सौंपा है, जिससे मामले की निष्पक्ष जांच की उम्मीद है।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर और शुरू की जांच
शिकायत के आधार पर दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वे सभी पहलुओं पर ध्यान दे रहे हैं और दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही, पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि धार्मिक स्थलों का सम्मान और सुरक्षा सर्वोपरि है, और किसी भी तरह का धार्मिक स्थल का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वहीं, शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आम आदमी पार्टी के विधायकों और नेताओं ने सोशल मीडिया पर घटना को गलत तरीके से पेश किया और गुरुद्वारा प्रबंधन पर ही आरोप लगाए। अध्यक्ष ने यह भी कहा कि केजरीवाल ने इन आरोपों का समर्थन किया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि यह घटना राजनीतिक साजिश का हिस्सा हो सकती है। पुलिस अब इन सभी बिंदुओं की जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
संबंधित खबरें और राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। कुछ नेताओं ने इसे धार्मिक स्थल का अपमान बताया है, जबकि अन्य इसे राजनीतिक षड्यंत्र करार दे रहे हैं। इस पूरे प्रकरण ने दिल्ली की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है, जिसमें धार्मिक स्थलों का सम्मान और राजनीतिक स्वार्थ के बीच टकराव स्पष्ट नजर आ रहा है।










