दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा का मानहानि मामला
दिल्ली के केंद्र शासित प्रदेश में मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने आम आदमी पार्टी (आप) के नेता सौरभ भारद्वाज के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया है। इस मामले में कोर्ट ने उन्हें अपना बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया था, लेकिन वह निर्धारित तिथि पर नहीं पहुंच सके।
प्रवेश वर्मा के वकील ने कोर्ट को सूचित किया कि उनके मुवक्किल व्यस्तता के कारण समय नहीं दे सके। इसके बाद राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें तीन सप्ताह का अतिरिक्त समय प्रदान किया है। अब वर्मा को 4 जुलाई को कोर्ट में उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराना होगा।
आरोपों को लेकर सौरभ भारद्वाज का बयान और कोर्ट का आदेश
आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (Twitter) पर एक पोस्ट में आरोप लगाया था कि प्रवेश वर्मा ने ‘एसएस मोटा सिंह स्कूल ट्रस्ट’ में अपने पद का दुरुपयोग कर अपने सहयोगियों की नियुक्ति की है। इस ट्रस्ट की कुल संपत्ति लगभग 500 करोड़ रुपये है।
मंत्री वर्मा ने इन आरोपों को पूरी तरह झूठ और बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि ये आरोप मानहानिकारक हैं और उन्होंने इस संबंध में दिल्ली हाईकोर्ट में भी मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया है। कोर्ट ने इस मामले में सौरभ भारद्वाज को समन जारी कर 30 दिनों के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है।
मामले की वर्तमान स्थिति और आगामी सुनवाई
प्रवेश वर्मा ने अपने वकील के माध्यम से कोर्ट में कहा कि वह व्यस्तता के कारण 9 जून को अपना बयान दर्ज नहीं करा सके। कोर्ट ने इस अपील को स्वीकार करते हुए उन्हें 4 जुलाई तक का समय दिया है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने भी इस मामले में सौरभ भारद्वाज को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। वर्मा ने इस मानहानि मामले में पांच करोड़ रुपये का हर्जाना भी मांगा है। इस तरह, यह मामला अभी न्यायालय में लंबित है और आगामी सुनवाई का इंतजार है।










