दिल्ली में भारी बारिश के कारण जलभराव की स्थिति और प्रशासनिक कदम
दिल्ली में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण शहर में जलभराव की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए सभी विभागों और एजेंसियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने स्पष्ट किया है कि जलभराव को प्राकृतिक आपदा की तरह ही माना जाना चाहिए और इसके समाधान के लिए जमीन स्तर पर प्रभावी कदम उठाने जरूरी हैं।
जलभराव से निपटने के लिए अधिकारियों की तैनाती और तैयारी
एलजी ने सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे सिर्फ कार्यालयों में बैठकर स्थिति का निरीक्षण न करें, बल्कि खुद सड़कों पर उतरकर राहत और बचाव कार्यों की निगरानी करें। जलभराव वाले इलाकों में लोगों को किसी भी तरह की असुविधा से बचाने के लिए त्वरित कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि जलभराव की समस्या से निपटने के लिए पंप लगाने का कार्य तेज किया जाए और पहले से ही पानी जमा होने से पहले ही उचित इंतजाम किए जाएं।
मौके पर निगरानी और शिकायतों का त्वरित समाधान
तरनजीत सिंह संधू ने यह भी कहा कि उनका कार्यालय स्थिति पर करीबी नजर रखेगा। बाढ़ जैसी स्थिति बनने पर सभी विभागाध्यक्षों को व्यक्तिगत रूप से मौके पर रहकर व्यवस्था की देखरेख करनी होगी। साथ ही, नागरिकों की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया गया है। सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए, उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। जलभराव की सूचना मिलते ही संबंधित टीमों को तुरंत मौके पर भेजने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का भी आदेश दिया गया है।











