दिल्ली सरकार का आपदा प्रबंधन के लिए नई योजना
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने अपने आपदा प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत बनाने का निर्णय लिया है। इस संदर्भ में, सरकार ने अपनी ‘स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स’ (SDRF) का गठन करने की योजना बनाई है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक में इस प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की गई।
इस योजना के अंतर्गत दिल्ली में लगभग 1100 जवानों की एक विशेष SDRF बटालियन का गठन किया जाएगा। इन जवानों को आपदा प्रबंधन, राहत कार्य और आपातकालीन बचाव अभियानों के लिए विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। साथ ही, दिल्ली फायर सर्विस के कर्मियों और सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स को भी आपदा प्रतिक्रिया के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
आपदा राहत के लिए तैयारियों का विस्तार
इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य है कि भूकंप, बाढ़, इमारत गिरने जैसी आपदाओं के समय दिल्ली में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके। स्थानीय स्तर पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यह पहल दिल्ली में आपदा प्रबंधन की क्षमता को बढ़ाने और आपातकालीन स्थिति में तेजी से कार्रवाई करने में मदद करेगी। सरकार का मानना है कि इससे नागरिकों की सुरक्षा और राहत कार्यों की प्रभावशीलता में सुधार होगा।
संबंधित खबरें और वर्तमान स्थिति
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली हाईकोर्ट से संबंधित लंबित मामलों को सुप्रीम कोर्ट में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा, जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन पर भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है, जिसमें सुरक्षा और नाबालिगों की सुरक्षा जैसे मुद्दे उठाए गए हैं।
वहीं, दिल्ली के विभिन्न इलाकों में अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है। दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में 6 सितंबर को हुए हादसे के बाद, दिल्ली नगर निगम (MCD) ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ढही हुई इमारत के पास दूसरी बहुमंजिला इमारत को गिराने का काम शुरू कर दिया है। साथ ही, मुखर्जी नगर, जनकपुरी, लक्ष्मी नगर, उत्तम नगर और पांडव नगर जैसे इलाकों में भी अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया जा रहा है।










