जंतर-मंतर पर CJP का आंदोलन 12वें दिन पहुंचा
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा CJP का विरोध प्रदर्शन बुधवार को अपने बारहवें दिन में प्रवेश कर गया है। यह आंदोलन NEET और अन्य परीक्षा प्रणालियों में व्याप्त गड़बड़ियों के खिलाफ शुरू हुआ था। इस आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभा रहे सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल जारी रखी है। उन्होंने कहा कि वे अभी ठीक महसूस कर रहे हैं, हालांकि थोड़े थके हुए हैं।
सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति और अनशन का प्रभाव
सोनम वांगचुक ने अपने स्वास्थ्य का अपडेट देते हुए बताया कि डॉक्टरों ने उनके ब्लड प्रेशर में कमी देखी है और उन्हें पानी और नमक का सेवन बढ़ाने की सलाह दी है। उन्होंने यह भी बताया कि उनका ब्लड शुगर स्तर 66 पर बना हुआ है, जो कि उनके तीन दिनों से न खाने के कारण है। उन्होंने कहा कि कीटोसिस की वजह से शरीर फैट का उपयोग कर रहा है, जिससे लंबे समय तक अनशन करने पर मांसपेशियों और अंगों को नुकसान पहुंच सकता है, और यहां तक कि मौत का खतरा भी हो सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे अभी उस स्थिति के करीब नहीं हैं। उनका वजन लगभग दो किलोग्राम कम हुआ है।
स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं और समर्थन
वांगचुक ने अपने समर्थकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनका हर दिन लगभग 650 ग्राम वजन कम होना सामान्य है। उन्होंने अपने समर्थन में खड़े छात्रों का आभार व्यक्त किया। साथ ही, उन्होंने कहा कि उनकी परेशानियां उन 20 से अधिक छात्रों से तुलना नहीं की जा सकती, जिन्होंने अपनी जान गंवाई है या पिछले सितंबर में लद्दाख में मारे गए पांच युवाओं की बात की। उनका आंदोलन मुख्य रूप से छात्रों के हित में है।










