दिल्ली में संसद मार्च के दौरान हिंसक प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई
सोमवार को दिल्ली में राजनीतिक प्रदर्शन का माहौल काफी तनावपूर्ण रहा। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘संसद चलो’ अभियान के दौरान नई दिल्ली के विभिन्न इलाकों में हिंसक झड़पें देखने को मिलीं, जिसने पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया। इस प्रदर्शन के पहले ही दिन जंतर-मंतर, जनपथ और रायसीना रोड जैसे प्रमुख स्थानों पर भारी भीड़ और हिंसा देखने को मिली।
प्रदर्शन के दौरान हिंसक झड़पें और सरकारी संपत्तियों को नुकसान
दिनभर चले इस प्रदर्शन में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी टकरावें हुईं। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड्स तोड़ने और उपद्रव करने का प्रयास किया। इस हिंसक प्रदर्शन में 15 से 20 सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया और कई दुकानों में तोड़फोड़ की खबरें भी सामने आईं। पुलिस के अनुसार, इस हिंसा में 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें कई महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। साथ ही, करीब 60 प्रदर्शनकारी भी जख्मी हुए हैं।
प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी और सरकार का रुख
पुलिस ने हिंसा को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाते हुए लगभग 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। इनमें से कई छात्र नहीं हैं, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि घटना के पीछे कोई साजिश हो सकती है। हिरासत में लिए गए लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अन्य कानूनों के तहत FIR दर्ज की जा रही है। इस बीच, प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से दो बार मुलाकात की, लेकिन कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। सरकार ने शांति बनाए रखने और प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त करने की अपील की है।









