दिल्ली में BRICS समिट की सुरक्षा व्यवस्था तेज
भारत की राजधानी दिल्ली में BRICS के 18वें नेताओं के सम्मेलन की तैयारियां जोरों पर हैं। यह महत्वपूर्ण सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा, जिसमें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सहित कई विश्व नेता भाग लेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पुतिन के भारत आने का स्वागत करने का संकेत दिया है। इस बीच, दिल्ली में सुरक्षा के मद्देनजर व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया जा रहा है।
सुरक्षा के व्यापक इंतजाम और साझा सुरक्षा नेटवर्क
विदेशी नेताओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस ने पड़ोसी राज्यों जैसे हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और चंडीगढ़ को भी सुरक्षा नेटवर्क में शामिल किया है। इन राज्यों के साथ मिलकर इंटेलिजेंस साझा करने, संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच, बॉर्डर चेकिंग, ट्रैफिक प्रबंधन और अनधिकृत घुसपैठ रोकने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
ड्रोन और हाई-टेक सुरक्षा उपायों का इस्तेमाल
BRICS समिट के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में ड्रोन और अन्य उड़ने वाली वस्तुओं पर कड़ी नजर रखी जा रही है। दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा बैठक में इन गतिविधियों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया है। समिट के दौरान दिल्ली में काउंटर-ड्रोन सिस्टम भी तैनात किए जाएंगे, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक ‘सॉफ्ट-किल’ और ‘हार्ड-किल’ तकनीक वाले सिस्टम शामिल हैं। इसके साथ ही, DRDO (Defence Research and Development Organisation) द्वारा विकसित काउंटर-ड्रोन तकनीक का भी प्रयोग किया जाएगा। सुरक्षा के लिहाज से एयरपोर्ट, विदेशी मेहमानों के होटल और भारत मंडपम तक के रूट को हाई-सिक्योरिटी कॉरिडोर में बदला जा रहा है।










