दिल्ली में कूड़ा प्रबंधन और स्वास्थ्य खतरे का गंभीर मामला
आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि राजधानी को ‘कैंसर कैपिटल’ बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने विशेष रूप से भलस्वा लैंडफिल (Landfill) का जिक्र करते हुए कहा कि यहां का कूड़ा किराड़ी (Kirari) में डालकर गरीब और पूर्वांचली समुदाय को गंभीर बीमारियों की चपेट में लाया जा रहा है।
किराड़ी में कूड़ा डंपिंग का भयावह दृश्य और पर्यावरणीय खतरा
सौरभ भारद्वाज ने बताया कि हाल ही में किराड़ी का दौरा करने पर उन्हें पता चला कि हजारों ट्रक भलस्वा लैंडफिल से कूड़ा लेकर यहां डंप किया जा रहा है। इस क्षेत्र में बदबू और धूल का ऐसा प्रकोप है कि वहां थोड़ी देर रुकना भी मुश्किल हो जाता है। कूड़े में प्लास्टिक, पॉलिथीन और रासायनिक पदार्थों की मोटी परतें जमी हुई हैं, जिससे इलाके में नए कूड़ा के पहाड़ खड़े हो गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस कूड़े के पहाड़ को हटाने का वादा किया गया था, उसे अब भलस्वा से किराड़ी भेजा जा रहा है।
भविष्य में स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव
उन्होंने चेतावनी दी कि बरसात के मौसम में इस कूड़े से निकलने वाला लीचेट (Leachate) भूजल को स्थायी रूप से प्रदूषित कर सकता है। इससे ट्यूबवेल पर निर्भर लोगों को कैंसर और सांस की गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाएगा। भारद्वाज ने कहा कि यह समस्या केवल किराड़ी की नहीं है, बल्कि आने वाले दिनों में पार्टी अन्य इलाकों में भी इस तरह के सबूत पेश करेगी।
उन्होंने सवाल किया कि यदि यह कूड़ा इतना ही सुरक्षित है तो फिर मुख्यमंत्री (Chief Minister), एलजी (LG) या बड़े अधिकारियों के घरों के बाहर इसे क्यों नहीं डंप किया जाता। उन्होंने वैज्ञानिकों और पर्यावरण विशेषज्ञों से इस मुद्दे पर राय लेने की मांग की है, ताकि दिल्ली के नागरिकों की सेहत के साथ हो रहे इस कथित खिलवाड़ को तुरंत रोका जा सके।










